कपिल देव Match Fixing Controversy: CBI जांच से Clean Chit तक की पूरी सच्चाई
1983 World Cup जीतने के बाद कपिल देव रातोंरात भगवान बन गए थे। देश का बच्चा-बच्चा उनकी तरह बनना चाहता था। फोटो खिंचवाने के लिए लाइनें लगने लगीं।
लेकिन 17 साल बाद किस्मत ऐसी पलटी कि वही क्रिकेट स्टार Match Fixing का आरोपी बन गया। Sting Operation में नाम आया। CBI Investigation शुरू हुई। घर पर Income Tax की Raid पड़ी। पूरे देश में गुस्सा इतना बढ़ा कि किताबों में उनके नाम के Chapter हटवाने पड़े।
आखिर इन सारी चीजों के पीछे असली वजह क्या थी? यह पूरी कहानी आज हम जानेंगे।
शुरुआती संदेह — 1987 World Cup और अजीब फैसले
कपिल देव Match Fixing Controversy की शुरुआत उनके Retirement से पहले ही होने लगी थी। 1983 World Cup जीत के बाद जैसे-जैसे समय बीता, उनकी Performance में गिरावट आई। इसी दौरान मैचों में कुछ ऐसे फैसले हो रहे थे जिन पर क्रिकेट Fans बहुत सवाल उठा रहे थे।
1987 World Cup के Semifinal में Graham Gooch एक ही तरफ Sweep Shots मारते जा रहे थे लेकिन उस तरफ कोई Fielder नहीं लगाया गया। मैच खत्म होने के बाद Press Conference में जब यही सवाल हुआ तो Graham Gooch खुद हैरान थे कि Fielder क्यों नहीं लगाया गया।
इस घटना पर खूब हंगामा हुआ लेकिन कुछ समय बाद बात दब गई।
23 अक्टूबर 1991 — Pakistan के खिलाफ वो विवादित मैच
कपिल देव Match Fixing Controversy का अगला बड़ा मोड़ था Pakistan के खिलाफ 258 रन का Target Chasing करते हुए वो मैच। India मजबूत स्थिति में थी। लेकिन अचानक Azharuddin और कपिल देव Back to Back Zero पर आउट हो गए।
मैच देर से शुरू हुआ था। आखिरी ओवर आते-आते Bad Light की वजह से Ball दिखने में समस्या होने लगी। Commentator Harsha Bhogle खुद बोलने लगे कि इतनी कम रोशनी में मैच पहले कभी नहीं देखा।
Bad Light Rules के अनुसार अगर India Walk Off कर लेता तो Revised Calculation में आराम से जीत सकता था। Manoj Prabhakar और Sanjay Manjrekar Walk Off के लिए कह रहे थे। लेकिन इन्हें खेल Continue करने को कहा गया और जीता हुआ मैच India चार रन से हार गई।
इसके बाद एक और मैच में कपिल देव के पास Peter Kirsten को Mankad Run Out करने का मौका था लेकिन उन्होंने Warning देकर छोड़ दिया और Peter ने वो मैच जीता दिया।
इन फैसलों को लेकर पूरे देश में बड़ी बहस शुरू हो गई।
BMW की रहस्यमय गाड़ी और मॉडलिंग असाइनमेंट का सवाल
इसी दौर में कपिल देव एक BMW में नजर आए। उस समय BMW बहुत बड़ी बात होती थी। BCCI इतना अमीर नहीं था। Sunday Magazine के Archive के अनुसार Cricketers को प्रति Test Match ₹14,600 और One Day के ₹6,000 मिलते थे। Tribune के Interview में कपिल देव ने खुद बताया था कि सारे Match Fees, Brands और Modelling मिलाकर ₹23 लाख वो कमा पाते थे।
जब BMW के बारे में पूछा गया तो कपिल देव ने बताया कि Ibrahim नाम के व्यक्ति ने एक Modelling Assignment के बदले यह गाड़ी Gift दी। लेकिन कोई Modelling Assignment कभी Public के सामने आया ही नहीं।
Team India का Phone Tap और Manager की चुप्पी
इन सारी चीजों की वजह से Team India के Manager Ajit Wadekar को लग रहा था कि Team के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है। पता करने के लिए उन्होंने Players के Phones Tap करवाने शुरू कर दिए। लेकिन इसमें भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
नवंबर 1994 — Retirement और बुकी का खुलासा
नवंबर 1994 में कपिल देव ने Cricket से Retirement ले ली। Retirement के कुछ महीने बाद मई 1995 में Supreme Court के Lawyer Virendra Kumar Ohri एक Case के संदर्भ में Mumbai में Rakesh Maria से मिलने पहुंचे। वहाँ एक Bookie से Interrogation चल रहा था।
उस Interrogation के बीच में Bookie ने कहा कि 1994 में India-New Zealand Tour में Dubai और Mumbai Betting Syndicate ने कपिल देव की मदद से ₹16 करोड़ कमाए। ₹1 करोड़ Cash में कपिल को दिए गए और बाकी ₹25 लाख एक Fake Modelling Assignment दिखाकर Transfer किए गए। कपिल देव की Holiday का पूरा खर्च भी इन्होंने उठाया।
Lawyer Ohri ने बाद में Outlook Magazine को यह सारी बातें बताईं और इसके साथ एक Affidavit भी Submit किया कि वो उस Interrogation में मौजूद थे।
Manoj Prabhakar का बड़ा बम — ₹25 लाख का प्रस्ताव
2 जून 1997 को Manoj Prabhakar ने Outlook Weekly को Interview देते हुए कहा कि Cricket का पूरी तरह Commercialization हो चुका है। सब कुछ पैसे से हो रहा है। Players पर Bookies का दबाव रहता है।
और फिर उन्होंने एक बड़ा बम फोड़ा। उन्होंने कहा कि 1994 Singer World Cup में एक Senior Indian Cricketer आया था और उसने Pakistan को Match जितवाने के लिए खराब खेलने को कहा। बदले में ₹25 लाख ऑफर किए। लेकिन कई बार पूछने पर भी Manoj Prabhakar ने उस Cricketer का नाम नहीं लिया।
यह Interview जब Outlook Magazine के Cover Page पर छपा तो पूरे देश में हंगामा हो गया। हर जगह यही News चल रही थी कि वो Indian Player कौन है। BCCI में Emergency Meeting होने लगी। Fans हर तरफ गुस्से में थे।
BCCI Secretary Jagmohan Dalmiya ने 6 जून 1997 को Official Letter लिखकर Manoj Prabhakar से पूछा। Manoj ने कहा कि उस समय Team में रहकर खेलना था और उनके ऊपर पहले से Defamation और जान से मारने की धमकी आ रही है।
BCCI की जांच — सब चुप, Journalists ने बताई सच्चाई
20 जून 1997 को BCCI President Raj Singh ने एक Commission बनाया। Supreme Court के Retired Chief Justice Yashwant Chandrachud ने इसे Lead किया। पूरी Team India — Current Players, Ex Players, Coaches, Managers, BCCI Officials — सबसे पूछताछ हुई। लेकिन किसी Player ने कुछ नहीं बताया।
हालाँकि Sports Journalists ने कुछ चीजें बाहर लाईं। Pioneer के Sports Editor Pradeep ने कहा कि एक Indian Bookie ने उन्हें Indian Player से मिलवाने के ₹40 लाख ऑफर किए थे। Outlook के Anirudh Bahal ने कहा कि Manoj जो कह रहे हैं वो सच है।
7 नवंबर 1997 को यह जांच Complete हुई लेकिन BCCI ने Report Confidential रखी।
रमनिक चावड़ा की Diary — KD के नाम और 1 करोड़ 33 लाख
इसी दौरान एक Businessman रमनिक चावड़ा के यहाँ Income Tax की Raid पड़ी। वहाँ एक Diary मिली जिसमें “KD” नाम लिखा था और सामने ₹1 करोड़ 33 लाख लिखे थे। जिसमें ₹25-25 लाख की दो Transactions Draft और Cheque से थीं और ₹83 लाख Cash में।
पुलिस ने जब रमनिक से पूछा तो उसने कहा ये Former Cricketer कपिल देव के हैं।
Officers कपिल देव के पास पहुंचे। Documented Amount यानी ₹50 लाख तो कपिल देव ने Accept किया कि एक Company के काम से Transfer हुए। लेकिन ₹83 लाख Cash कपिल देव ने साफ मना कर दिया।
एक Officer ने Proceedings में कपिल से कहा कि अगर रमनिक झूठ बोल रहा है तो उस पर Case करो। लेकिन कपिल देव ने रमनिक पर Case नहीं किया।
बाद में कपिल देव ने IT Delhi में Appeal करके ₹83 लाख को अपनी Undisclosed Additional Income से हटवा लिया।
CBI Investigation — Manoj ने आखिरकार नाम लिया
2 मई 2000 को CBI की Entry हुई। सारे Indian Bookies पकड़े गए। Bank Accounts खंगाले गए। नीचे से ऊपर तक सब की Inquiry शुरू हुई।
CBI ने Manoj Prabhakar को बुलाया और पूछा कि वो जो ₹25 लाख वाली बात उन्होंने Interview में कही थी, वो Indian Player कौन था?
बहुत देर की आनाकानी के बाद Manoj Prabhakar ने सीधे कहा — वो आदमी कपिल देव है। कपिल देव ने ही Fixing के लिए मुझे ₹25 लाख ऑफर किए।
फिर Manoj ने पूरा Incident बताया। Singer Cup 1994 में उनके Roommate Navjot Singh Sidhu थे। उसी Room में दोनों थे। Navjot ने Manoj को कहा कि कपिल देव कोई Offer लेकर आए हैं। Pakistan के खिलाफ अगले Match में Underperform करना होगा, बदले में ₹25 लाख मिलेंगे।
Manoj बहुत गुस्से में आए और चिल्लाए। उन्होंने कहा कि यह बात उन्होंने Team Manager Ajit Wadekar और Captain Mohammad Azharuddin को बताई लेकिन कुछ नहीं हुआ। Ravi Shastri और Sunil Gavaskar को भी बताया, फिर भी कुछ नहीं हुआ।
Sting Operation — तहलका ने खोली पोल
CBI के सामने सभी Witnesses Manoj के Statement को Support करने से मुकर गए। Ravi Shastri ने कहा कि मुझे नहीं लगता कपिल ऐसा करेगा। Navjot Singh Sidhu ने कहा कि Manoj ने कैजुअली बताया था लेकिन Name नहीं लिया।
इस पर Outlook के Anirudh Bahal और Tarun Tejpal ने Tehelka नाम से एक Investigative News Website शुरू की। उन्होंने Manoj Prabhakar को Sting Operation का प्रस्ताव दिया।
Manoj ने Secret Camera छुपाकर सभी के पास जाना शुरू किया। Bishan Singh Bedi ने Camera के सामने कहा कि ₹25 लाख का Offer कपिल देव ने ही दिया था। इस पूरे Game में कपिल देव, Azharuddin और Jadeja हैं।
Team Manager Ajit Wadekar जिन्होंने CBI को कहा था कि मुझे कुछ याद नहीं, उन्होंने Recording में कपिल देव का नाम ले लिया और कहा कि मैं यह बात बाहर नहीं कर सकता क्योंकि कपिल देव और Gavaskar को Dalmiya का Support है।
Congress Leader Kamal Nath ने कहा कि एक Function में कपिल देव से बात करने के बाद एक आदमी आया और पूछा कि क्या आप भी कपिल देव के साथ सट्टा लगाते हो।
Sports Minister Sukhdev Singh Dhindsa ने Recording में कहा कि BJP Home Minister LK Advani पहले नहीं चाहते थे कि CBI को Case दिया जाए और बाद में उनकी Advice पर ही Players के नाम बाहर नहीं किए गए।
Navjot Singh Sidhu ने Recording में कहा कि यार कपिल देव के मेरे ऊपर बहुत एहसान है।
यह पूरा Sting Operation YouTube पर “Tehelka Fallen Hero” Search करके देखा जा सकता है।
27 मई 2000 को Manoj Prabhakar और Tehelka टीम ने Delhi के Meridien Hotel में Press Conference करके पूरा Sting Operation दिखाया। पूरे देश में कोहराम मच गया। Gujarat Government ने School Books से कपिल देव का Chapter हटा दिया। Ludhiana के नागरिकों को वो सम्मान वापस करने को कहा गया जो उन्होंने कपिल को दिया था।
Operation Gentleman — 38 घंटे की Raid
जुलाई 2000 में Income Tax, CBI और Local Police ने मिलकर Operation Gentleman Launch किया। Players, Bookies, BCCI Officials — 90 Locations पर Raids हुईं। List में सबसे ऊपर नाम था कपिल देव का।
20 जुलाई 2000 को उनके घर, Office, Hotel — सब जगह 38 घंटे तक Raid चली।
Raid खत्म होने के बाद Match Fixing का कोई Direct Link नहीं मिला। लेकिन Officers के सामने एक तस्वीर बननी शुरू हुई। कपिल देव को एक 100 Acre की जमीन Market Rate से बहुत कम दामों में मिली थी। उस जमीन के Papers कपिल के पास नहीं बल्कि Karan Dubey के Office से मिले, जिनका नाम पहले से Match Fixing में था।
CBI ने पूछा कि 1999 New Zealand Test में Follow-On नहीं दिया, इसके बारे में Bookies को एक दिन पहले कैसे पता चल गया? कपिल देव ने कहा यह सबने मिलकर फैसला लिया था, अकेले मेरा नहीं था।
BMW के बारे में पूछा गया। कपिल ने कहा कि Ibrahim नाम का South Africa का व्यक्ति Auto City Garage चलाता है, उसने Modelling Assignment के बदले BMW दी। Ibrahim को ढूंढा गया तो कोई Trace नहीं मिला। कोई Modelling Photo, Payment या Contract भी नहीं मिला।
कपिल देव को Clean Chit
30 अक्टूबर 2000 को CBI ने Final Report Sports Minister को Submit की।
इस Report में CBI ने Mohammad Azharuddin, Ajay Jadeja, Ajay Sharma, Manoj Prabhakar और Nayan Mongia के खिलाफ Direct Proof निकालकर Match Fixing में नाम Establish कर दिए।
लेकिन कपिल देव के खिलाफ आरोप बहुत लगे। Suspicious Activities की बात हुई। Raids पड़ीं। Financial Questions खूब उठे। लेकिन सब Indirect Links थे। कोई Direct Link कपिल देव के खिलाफ Prove नहीं हो पाया।
12 सितंबर 2000 को कपिल देव ने खुद Indian Cricket Team के Coach के Role से Resign कर दिया था।
और जब CBI की Final Report आई तो अकेले कपिल देव थे जिन्हें पूरी तरह Clean Chit मिल गई।
निष्कर्ष — एक Legend की परीक्षा
कपिल देव Match Fixing Controversy में बहुत से आरोप लगे, Sting Operation में नाम आया, CBI ने Raids कीं, Financial Questions उठे। लेकिन किसी भी Direct Proof के अभाव में उन्हें Clean Chit मिली।
1983 World Cup जीतने वाले इस Legend की यह कहानी हमें बताती है कि जब क्रिकेट का पूरा Ecosystem Match Fixing से दूषित हो जाए तो एक बड़े नाम पर भी किस तरह की परीक्षा आ सकती है। और यह भी कि बिना Direct Proof के किसी को Guilty नहीं माना जा सकता।
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