बिजनेस को डिजिटल बनाओ: ऑनलाइन प्रेजेंस क्यों जरूरी है?

बिजनेस को डिजिटल बनाओ: ऑनलाइन प्रेजेंस क्यों जरूरी है?

बिजनेस को डिजिटल बनाओ: ऑनलाइन प्रेजेंस क्यों जरूरी है?

एक समय था जब Big Bazaar इंडिया का रिटेल किंग हुआ करता था। Big Bazaar के 300 के आसपास हाइपरमार्केट्स थे, लाखों लॉयल कस्टमर्स थे। Big Bazaar एक ब्रांड नहीं बल्कि एक इमोशन बन चुका था। Big Bazaar चाहता तो इंडिया का Walmart बन सकता था। लेकिन 2020 में कोविड आया और Big Bazaar के सभी स्टोर्स कुछ दिन के लिए बंद हो गए। Big Bazaar का लॉस तो बढ़ा ही, साथ-साथ Amazon और Flipkart इंडिया में एक ऐसा डिजिटल स्टॉर्म लेकर आए जिसने Big Bazaar को जड़ से उखाड़ फेंका।

Amazon और Flipkart ने नेक्स्ट डे डिलीवरी शुरू की, मेगा सेल चलाई और क्रेजी डिस्काउंट्स दिए। लेकिन Future Group यानी Big Bazaar की पैरेंट कंपनी को अब भी लगता था कि भारत के लोग दुकान से ही खरीदारी करेंगे। और जब तक उन्हें होश आया, कस्टमर ऑलरेडी ऑनलाइन पर शिफ्ट हो चुके थे। नतीजा यह हुआ कि Big Bazaar के स्टोर्स धीरे-धीरे बंद होते गए, Big Bazaar का कैश फ्लो खत्म होने लगा और Big Bazaar सिर्फ एक याद बनकर रह गया।

लेकिन इसी डिजिटल लहर में कुछ बिल्कुल अलग कहानियाँ भी लिखी गई थीं। इलाहाबाद के Alakh Pandey एक बिल्कुल मामूली टीचर थे जो ऑफलाइन कोचिंग पढ़ाते थे। Alakh Pandey ने YouTube पर वीडियोज डालना शुरू किया और जैसे ही Alakh Pandey ऑनलाइन आए, उनका कंटेंट पूरे इंडिया में आग की तरह फैल गया। जिस Alakh Pandey की खुद के शहर में पहचान नहीं थी, वह आज पूरे देश के स्टूडेंट्स के बीच फेवरेट बन चुके हैं और उनकी PhysicsWallah कंपनी आज 300 करोड़ के वैल्यूएशन तक पहुँच चुकी है।

Lenskart की कहानी भी ऐसी ही है। Lenskart एक सिंपल ऑनलाइन कैटलॉग से शुरू हुआ और आज Lenskart 1500 प्लस स्टोर्स और करोड़ों कस्टमर्स के साथ इंडिया का सबसे बड़ा ऑप्टिकल ब्रांड बन चुका है। दिल्ली में Bikanervala नाम की एक पुरानी फैमिली स्वीट शॉप थी जिसका नाम ऑफलाइन में सिर्फ कुछ शहरों में जाना जाता था। लेकिन जैसे ही Bikanervala Zomato पर आया और अपनी खुद की वेबसाइट लॉन्च की, Bikanervala की मिठाई पूरे देश में फेमस हो गई। ऑनलाइन प्रेजेंस ने Bikanervala को 3000 करोड़ का ग्लोबल ब्रांड बना दिया।

मतलब बिल्कुल साफ है। आज जो बिजनेस डिजिटल लहर पर सवार हो गया उसकी ग्रोथ पक्की है। और जो बिजनेस किनारे खड़ा देखता रह गया वो पीछे छूट जा रहा है। अगर Big Bazaar जैसा 20 से 300 करोड़ का जायंट ऑनलाइन न जाने की वजह से गिर सकता है, तो एक लोकल कपड़े की दुकान, एक छोटा रेस्टोरेंट और एक इलेक्ट्रॉनिक शॉप का क्या हो सकता है? इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि ऑनलाइन प्रेजेंस आखिर इतनी पावरफुल क्यों है, ऑनलाइन प्रेजेंस ऑफलाइन से अलग कैसे है और कैसे हम अपने बिजनेस को ऑनलाइन लेकर जा सकते हैं।

आज का कस्टमर — जो दुकान में आता है लेकिन मन कहीं और होता है

ऑनलाइन प्रेजेंस की जरूरत को समझने के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि आज का कस्टमर कैसे सोचता है। आज जब कस्टमर आपकी दुकान में कदम रखता है तो सबसे पहले उसके हाथ में फोन होता है जिसमें Flipkart या Amazon की ऐप ऑलरेडी खुली होती है। जब वो काउंटर पर रखे प्रोडक्ट को हाथ में उठाता है, तब तक उसका दिमाग कहीं और होता है।

यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। यह नए कस्टमर का डिफॉल्ट माइंडसेट बन चुका है। आज 80% लोग दुकान आने से पहले ही प्राइस चेक करके आते हैं। वो कस्टमर आपकी दुकान में प्रोडक्ट को टच करता है, ट्राई करता है और उसी वक्त फोन पर ऑनलाइन प्राइस चेक करके सोच लेता है कि यहाँ से देख लो, खरीदना तो ऑनलाइन ही है।

इस तरह आपकी दुकान एक फिजिकल डेमो सेंटर बन जाती है। और सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि दुकानदार को पता भी नहीं होता कि उनके सामने खड़े ग्राहक को उनका कॉम्पिटिटर ऑनलाइन ही छीन लेता है।

दुकानदार यह सोचता रहता है कि शायद सीजन खराब है, शायद मार्केट मंदा है। लेकिन असली सच कुछ और ही होता है। यही वजह है कि आज हर साल 500 से ज्यादा छोटी दुकानें बंद हो रही हैं। पिछले 8 से 9 सालों में लगभग 4 से 5 लाख परिवारों की रोजी-रोटी शटर के पीछे दब चुकी है।

Quick Commerce ने तो हालत और ज्यादा खराब कर दी है। Quick Commerce की वजह से सिर्फ 1 साल में 2 लाख किराना स्टोर्स बंद हो गए क्योंकि लोग 10 मिनट डिलीवरी की आदत डाल चुके हैं।

ऑनलाइन शॉपर्स की बाढ़ — जो रुकने वाली नहीं है

ऑनलाइन प्रेजेंस की जरूरत को समझने के लिए यह नंबर देखो। भारत में ऑनलाइन शॉपर्स 27 करोड़ से बढ़कर 2027 तक 50 करोड़ होने वाले हैं। मतलब देश के 35% लोग मोबाइल पर ही शॉपिंग करने वाले हैं।

ऑनलाइन प्रेजेंस का यह बदलाव सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन शॉपिंग अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से फैल रही है। ऑनलाइन प्रेजेंस के बिना अब कोई भी बिजनेस इन करोड़ों कस्टमर्स तक नहीं पहुँच सकता।

आज 82% लोग प्रोडक्ट को Google या YouTube पर चेक करके आते हैं। 63% लोग प्राइस को ऑनलाइन कंपेयर करते हैं। और 45% लोग सिर्फ उस शॉप से खरीदते हैं जिसका ऑनलाइन प्रेजेंस होता है।

ऑनलाइन प्रेजेंस आज एक ऑप्शनल चीज नहीं रही। ऑनलाइन प्रेजेंस आज हर बिजनेस की बेसिक जरूरत बन चुकी है।

ट्रस्ट का नया पता — Google और Instagram

ऑनलाइन प्रेजेंस की ताकत को और गहराई से समझो। कुछ साल पहले तक कस्टमर किसी एक दुकानदार पर ट्रस्ट करके वह जो एडवाइस देता था, वो खरीद लेता था। लेकिन आज का कस्टमर Google पर ट्रस्ट करता है।

अगर आपका बिजनेस Google Maps पर नहीं दिखता, Instagram पर कोई फोटो नहीं है, Facebook पर कोई पेज नहीं है, तो कस्टमर के मन में सीधा एक रेड फ्लैग आता है कि यह शॉप लेजिट भी है या नहीं। आज 50% लोगों का कहना है कि अगर कोई शॉप ऑनलाइन प्रेजेंस नहीं दिखाती तो उन्हें ट्रस्ट ही नहीं होता।

ऑनलाइन प्रेजेंस की यह बात एक जयपुर के बुटीक ओनर को तब समझ आई जब उन्होंने नोटिस किया कि उनकी दुकान में नए कस्टमर्स बिल्कुल आ ही नहीं रहे थे। उनकी दुकान 3 किलोमीटर दूर बने नए अपार्टमेंट के लोगों को ऑनलाइन सर्च में दिख ही नहीं रही थी। ऑनलाइन प्रेजेंस न होने की वजह से वह कस्टमर किसी और दुकान पर चले गए।

ऑनलाइन प्रेजेंस एक्ज़िस्टेंस का नया मतलब है। पहले एक्ज़िस्टेंस का मतलब था साइनबोर्ड लगाना। आज एक्ज़िस्टेंस का मतलब है ऑनलाइन दिखना।

कॉम्पिटिशन का नया मतलब — सामने वाला नहीं, 500 किलोमीटर दूर वाला

ऑनलाइन प्रेजेंस ने कॉम्पिटिशन का पूरा मतलब बदल दिया है। पहले के शॉप ओनर अपने सामने वाली दुकान को अपना कॉम्पिटिटर समझते थे। लेकिन डिजिटल एरा ने यह कांसेप्ट पूरी तरह बदल दिया है।

आज कॉम्पिटिशन सिर्फ सामने वाला दुकानदार नहीं बल्कि वो ऑनलाइन सेलर है जो 500 किलोमीटर दूर बैठा हुआ है और जिसे आप जानते भी नहीं हो। दिल्ली का सेलर अपना प्रोडक्ट असाम के गुवाहाटी में डिलीवर कर देता है। मुंबई का सेलर इंडिया के 700 प्लस डिस्ट्रिक्ट्स में सप्लाई करता है।

ऑफलाइन शॉप सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक चलती है। लेकिन ऑनलाइन शॉप 24 घंटे सातों दिन चलती है — बिना सोए, बिना रुके।

ऑनलाइन प्रेजेंस के बिना यह एक अनफेयर बैटल है। एक छोटी दुकान अपने आसपास के कुछ कस्टमर्स पर डिपेंडेंट होती है, जबकि ऑनलाइन शॉप पूरे इंडिया को एक साथ सर्व कर रही होती है। जो कैटेगरीज सबसे ज्यादा बिकती हैं — मोबाइल फोन्स, फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और होम एसेंशियल्स — उनमें से लगभग 60% सेल्स ऑलरेडी ऑनलाइन शिफ्ट हो चुकी हैं।

ऑनलाइन रिव्यूज आज नई दुनिया का वर्ड ऑफ माउथ बन चुके हैं। एक फाइव-स्टार रिव्यू 10 नए कस्टमर्स ला सकता है। ऑनलाइन प्रेजेंस और ऑनलाइन रिव्यूज के बिना यह फायदा उठाना असंभव है।

डेटा का फर्क — ऑफलाइन अंदाजा, ऑनलाइन सटीक दिशा

ऑनलाइन प्रेजेंस और ऑफलाइन में सबसे बड़ा फर्क है डेटा का। Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म्स को पता होता है कि कौन से एज ग्रुप को कौन सा कलर पसंद है। Amazon और Flipkart को पता होता है कि किस प्राइस पर कस्टमर Buy Now पर क्लिक करेगा। Amazon और Flipkart को पता होता है कि कौन सा प्रोडक्ट रिपीट हो सकता है, किस शहर में क्या ट्रेंड चल रहा है और किस दिन डिस्काउंट देने पर कन्वर्शन बढ़ सकता है।

Amazon और Flipkart हर क्लिक, हर स्क्रॉल और हर सर्च को एनालाइज करते हैं। लेकिन ऑफलाइन दुकानदार के पास क्या होता है? सिर्फ अंदाजा लगाना।

गवर्नमेंट के डेटा के अनुसार आज ऑफलाइन मार्केट की ग्रोथ रेट 6 से 7% है। लेकिन ऑनलाइन मार्केट की ग्रोथ रेट करीब 20% है। ऑनलाइन प्रेजेंस के साथ आप उस 20% ग्रोथ रेट का हिस्सा बन सकते हैं। ऑनलाइन प्रेजेंस के बिना आप उस ग्रोथ से बाहर हो जाते हैं।

यह बात तय है कि अगले 5 साल में जो भी बिजनेस ऑनलाइन प्रेजेंस नहीं बनाएगा, वो मार्केट से बाहर हो जाएगा।

ऑनलाइन प्रेजेंस का पहला कदम — डिजिटल बोर्ड लगाओ

ऑनलाइन प्रेजेंस बनाने के लिए सबसे पहला कदम है अपने बिजनेस का बोर्ड डिजिटल दुनिया में लगाना। ऑनलाइन दुनिया के बोर्ड हैं Instagram, Facebook पेज, Google Maps और अपनी खुद की वेबसाइट।

ऑनलाइन प्रेजेंस में कस्टमर आपको तभी ट्रस्ट करेगा जब आप दिखोगे। अगर आप दिखोगे नहीं तो बिकोगे कैसे?

Instagram पर ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना बहुत आसान है। Facebook पेज बनाना भी आसान है। Google Maps पर अपना बिजनेस रजिस्टर करना भी फ्री और आसान है। लेकिन ऑनलाइन प्रेजेंस में सबसे पावरफुल चीज है अपनी खुद की वेबसाइट।

अपनी वेबसाइट — ऑनलाइन प्रेजेंस का सबसे मजबूत हथियार

ऑनलाइन प्रेजेंस में अपनी खुद की वेबसाइट सबसे ज्यादा कॉम्प्लेक्स लगती है। सवाल आता है कि वेबसाइट बनाएं कैसे? कोडिंग सीखें, HTML सीखें या JavaScript सीखें?

ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए आपको यह सब कुछ नहीं करना। यहीं पर रोल आता है WordPress का। WordPress सबसे आसान और सबसे पावरफुल तरीका है एक वेबसाइट बनाने का — वो भी जीरो कोडिंग के साथ। WordPress की मदद से आप AI की हेल्प से पूरी वेबसाइट बना सकते हो। WordPress में न कोड लिखना है, न कोई टेक्निकल नॉलेज चाहिए। WordPress में बस ड्रैग एंड ड्रॉप करके एक प्रोफेशनल वेबसाइट आज ही इंटरनेट पर लाइव कर सकते हो।

ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए WordPress इस्तेमाल करने का सबसे बेस्ट प्लेटफॉर्म है Hostinger। Hostinger पर ऑनलाइन प्रेजेंस बनाने के लिए बिगिनर्स के लिए सबसे बेस्ट और वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन है Hostinger का Business Plan।

Hostinger के Business Plan में एक ही होस्टिंग पर 50 वेबसाइट तक बना सकते हो — चाहे क्लाइंट्स के लिए हो या खुद के लिए। Hostinger Business Plan में 50 GB NVMe फास्ट स्टोरेज मिलता है जो SSD से भी ज्यादा फास्ट है। Hostinger में 5 प्रोफेशनल ईमेल अकाउंट्स बिल्कुल फ्री मिलते हैं। Hostinger में एक साल के लिए डोमेन नेम भी फ्री मिलता है।

Hostinger Business Plan इसलिए भी बेटर है क्योंकि Hostinger में AI की हेल्प से पूरी ई-कॉमर्स वेबसाइट तैयार कर सकते हो। Hostinger का AI एजेंट WordPress के काम को तेज बनाता है — चाहे एडिटिंग हो, डिजाइनिंग हो या ट्रबलशूटिंग हो। Hostinger 30 डेज मनी-बैक गारंटी भी देता है।

Hostinger पर ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना बेहद सिंपल है। Hostinger अकाउंट में लॉगिन करो, Website Section में जाओ, नई वेबसाइट बनाओ, WordPress चुनो, फ्री डोमेन क्लेम करो और AI की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरी वेबसाइट तैयार हो जाती है। ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए Hostinger यही सबसे आसान रास्ता है।

डेली कंटेंट — 24 घंटे काम करने वाली सेल्स टीम

ऑनलाइन प्रेजेंस बनाने के बाद अगला सवाल आता है — आगे क्या करना है?

सोचो कि आपके पास एक छोटी सी दुकान है। दिन भर आप कस्टमर्स को समझाते हो, प्रोडक्ट दिखाते हो, उनके सवालों का जवाब देते हो। अब सोचो कि यही काम अगर आप ऑनलाइन करने लगो रोज तो कितने ज्यादा लोगों तक पहुँचोगे। ऑनलाइन प्रेजेंस के साथ यही काम करोड़ों लोगों तक पहुँच सकता है।

यहीं से शुरू होता है डेली कंटेंट का गेम। ऑनलाइन प्रेजेंस को मजबूत करने के लिए आज एक छोटा सा वीडियो डालो जिसमें प्रोडक्ट दिखा रहे हो। कल एक बिफोर-आफ्टर वाला क्लिप डालो। किसी सेटिस्फाइड कस्टमर का छोटा सा रिव्यू रिकॉर्ड करो। कभी पैकेजिंग दिखाओ तो कभी नया ऑफर बताओ।

ऑनलाइन प्रेजेंस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जहाँ आपकी दुकान रोज 10 से 12 घंटे ही खुलती है, वहीं आपका Instagram, Facebook और वेबसाइट 24 घंटे खुला रहता है जो चुपचाप बैकग्राउंड में आपके लिए काम कर रहा होता है। ऑनलाइन प्रेजेंस से बनाई यह आपकी 24×7 सेल्स टीम है जो कभी सोती नहीं।

ऑनलाइन प्रेजेंस में कंटेंट ही आपकी आवाज़ है। ऑनलाइन प्रेजेंस में कंटेंट ही आपका सेल्समैन है। ऑनलाइन प्रेजेंस में कंटेंट ही आपका ट्रस्ट बिल्डर है।

WhatsApp Business — ऑनलाइन प्रेजेंस का सबसे पावरफुल ऑर्डर सिस्टम

ऑनलाइन प्रेजेंस का अगला कदम है WhatsApp Business। ऑनलाइन प्रेजेंस में Instagram या Facebook से कस्टमर्स को सीधे WhatsApp पर लाओ। WhatsApp पर एक कैटलॉग रेडी रखो। जैसे ही कोई कस्टमर Hi करता है, आपके पास Quick Reply रेडी होगा।

ऑनलाइन प्रेजेंस में WhatsApp Business का सबसे बड़ा फायदा यह है कि धीरे-धीरे ये लोग रिपीट कस्टमर्स बन जाते हैं। और असली सच यह है कि बिजनेस का पावर First Time Buyers में नहीं बल्कि Repeat Customers में होता है।

ऑनलाइन प्रेजेंस के साथ WhatsApp Business एक ऐसा सिस्टम बनाता है जहाँ कस्टमर आपसे जुड़ा रहता है। ऑनलाइन प्रेजेंस में WhatsApp Business के जरिए आप नए ऑफर भेज सकते हो, प्रोडक्ट अपडेट दे सकते हो और कस्टमर के साथ एक पर्सनल कनेक्शन बना सकते हो जो ऑफलाइन शॉप में बहुत मुश्किल होता है।

Paid Ads — ऑनलाइन प्रेजेंस को रॉकेट स्पीड देने का तरीका

ऑनलाइन प्रेजेंस बनाने के बाद अगर और तेजी से ग्रो करना हो तो यहाँ पर खेल आता है Paid Ads का।

ऑनलाइन प्रेजेंस में 200 रुपए का डेली एड्स भी आपके बिजनेस की डायरेक्शन बदल सकता है। Instagram Ads, Facebook Ads और Google Ads के जरिए लोकल एरिया में टारगेट कर सकते हो।

ऑनलाइन प्रेजेंस में Paid Ads का फायदा यह है कि आप अपने एक्जैक्ट कस्टमर तक पहुँच सकते हो। ऑनलाइन प्रेजेंस में आप उम्र, लोकेशन, इंटरेस्ट और बजट के हिसाब से Paid Ads चला सकते हो। ऑनलाइन प्रेजेंस में Paid Ads ऑफलाइन पैम्फलेट से हजार गुना ज्यादा असरदार होते हैं क्योंकि Paid Ads सिर्फ उन लोगों को दिखते हैं जिन्हें आपका प्रोडक्ट चाहिए।

Community Building — ऑनलाइन प्रेजेंस का सबसे ऊँचा लेवल

ऑनलाइन प्रेजेंस में एक लेवल और ऊपर जाएँ तो वो है Community Building।

Lenskart के पास सिर्फ कस्टमर्स नहीं हैं बल्कि Lenskart Gold Members हैं। Bewakoof के पास सिर्फ Buyers नहीं हैं बल्कि Tribe Members हैं। यह लोग बार-बार उसी ब्रांड से खरीदते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वो उस ब्रांड का हिस्सा हैं।

ऑनलाइन प्रेजेंस में आप भी यही कॉपी कर सकते हो। छोटा सा Loyalty Card बनाओ — जैसे तीन बार शॉपिंग करने पर अगली बार डिस्काउंट मिलेगा। ऑनलाइन प्रेजेंस में Community बनाने से कस्टमर सिर्फ खरीदने वाला नहीं रहता। ऑनलाइन प्रेजेंस में Community बनाने से कस्टमर आपके ब्रांड के साथ इमोशनली जुड़ जाता है।

और जहाँ इमोशन जुड़ जाता है, वहाँ बिजनेस ज्यादा स्टेबल हो जाता है। ऑनलाइन प्रेजेंस में Community Building वो ताकत है जो आपके बिजनेस को लॉन्ग-टर्म में अजेय बनाती है।

Analytics — ऑनलाइन प्रेजेंस की असली दिशा

ऑनलाइन प्रेजेंस में एक चीज है जो ज्यादातर लोग इग्नोर कर देते हैं — और वो है Analytics।

ऑनलाइन प्रेजेंस में Analytics की मदद से पता चलता है कि कौन सा प्रोडक्ट सबसे ज्यादा बिक रहा है। ऑनलाइन प्रेजेंस में Analytics से पता चलता है कि कौन सा पोस्ट सबसे ज्यादा Save, Share और Like हो रहा है। ऑनलाइन प्रेजेंस में Analytics से पता चलता है कि कौन सा Ad पैसा खा रहा है और कौन सा Ad पैसा कमा रहा है।

ऑनलाइन प्रेजेंस में Analytics की यह सारी चीजें मिलकर आपको सही डायरेक्शन देती हैं। ऑनलाइन प्रेजेंस में Analytics का सिंपल फॉर्मूला याद रखो — Data = Direction और सही Direction = तेज Growth।

ऑनलाइन प्रेजेंस में Analytics वो ताकत है जो आपको Big Bazaar जैसी गलती करने से बचाती है। Big Bazaar के पास Analytics नहीं था, Big Bazaar के पास डेटा नहीं था और इसीलिए Big Bazaar को पता नहीं चला कि कस्टमर कब और कहाँ ऑनलाइन शिफ्ट हो गए।

ऑनलाइन प्रेजेंस का पूरा सिस्टम — एक सिंपल फॉर्मूला

ऑनलाइन प्रेजेंस बनाने के लिए कोई मैजिक बटन नहीं है। ऑनलाइन प्रेजेंस एक सिंपल सिस्टम है जिसे कोई भी फॉलो कर सकता है।

ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए रोज थोड़ा कंटेंट बनाओ। ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए WhatsApp पर क्लियर सिस्टम रखो। ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए ट्रस्ट बिल्ड करने वाली पॉलिसीज बनाओ। ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए थोड़े से Paid Ads चलाओ। ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए Community का फील्ड बनाओ। ऑनलाइन प्रेजेंस के लिए थोड़ा वक्त Analytics पर लगाओ।

ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना वो सिस्टम है जो एक बार सेट हो जाए तो 24 घंटे आपके लिए काम करता रहता है।

Big Bazaar से सबक — ऑनलाइन प्रेजेंस का सबसे बड़ा lesson

Big Bazaar की कहानी ऑनलाइन प्रेजेंस का सबसे बड़ा सबक है। Big Bazaar के पास पैसा था, Big Bazaar के पास नाम था, Big Bazaar के पास कस्टमर्स थे। लेकिन Big Bazaar के पास ऑनलाइन प्रेजेंस नहीं थी और Big Bazaar डूब गया।

Alakh Pandey के पास न बड़ा बजट था, न बड़ी टीम थी। लेकिन Alakh Pandey के पास ऑनलाइन प्रेजेंस थी और Alakh Pandey ने करोड़ों का बिजनेस खड़ा किया।

Lenskart के पास न शुरुआत में बड़े स्टोर्स थे। लेकिन Lenskart के पास ऑनलाइन प्रेजेंस थी और Lenskart ने पूरे इंडिया को जीत लिया।

ऑनलाइन प्रेजेंस आज वो फर्क है जो जीतने और हारने के बीच है। ऑनलाइन प्रेजेंस आज वो फर्क है जो बढ़ने और बंद होने के बीच है। ऑनलाइन प्रेजेंस आज वो फर्क है जो Big Bazaar और Amazon के बीच है।

डिसीजन आपका है — ऑनलाइन प्रेजेंस या पुरानी राह

ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना अब कोई ऑप्शन नहीं है। ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना अब जरूरत है। ऑनलाइन प्रेजेंस बनाना अब सर्वाइवल है।

आज डिसीजन आपके हाथ में है कि स्मार्टफोन को सिर्फ टाइम पास के लिए यूज करना है या उसको अपने बिजनेस की ग्रोथ मशीन बनाना है। ऑनलाइन प्रेजेंस के साथ आपका स्मार्टफोन आपकी दुकान बन सकता है, आपका सेल्समैन बन सकता है और आपकी 24 घंटे काम करने वाली टीम बन सकता है।

ऑनलाइन प्रेजेंस वो रास्ता है जो Big Bazaar ने नहीं चुना और डूब गया। ऑनलाइन प्रेजेंस वो रास्ता है जो Alakh Pandey ने चुना और करोड़पति बन गए। ऑनलाइन प्रेजेंस वो रास्ता है जो Lenskart और Bikanervala ने चुना और ग्लोबल ब्रांड बन गए।

अब ऑनलाइन प्रेजेंस का यह रास्ता आपके सामने है। ऑनलाइन प्रेजेंस बनाओ, डिजिटल बोर्ड लगाओ, Hostinger पर वेबसाइट बनाओ, डेली कंटेंट बनाओ, WhatsApp Business सेट करो, Analytics देखो और अपने बिजनेस को उस 20% ग्रोथ का हिस्सा बनाओ जो ऑनलाइन दुनिया में हो रही है।

ऑनलाइन प्रेजेंस आज का सबसे पावरफुल बिजनेस टूल है। ऑनलाइन प्रेजेंस आज का सबसे जरूरी बिजनेस डिसीजन है। ऑनलाइन प्रेजेंस आज और कल दोनों की जंग जीतने का रास्ता है।

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