रणबीर कपूर की सभी फिल्में रैंकिंग: बेस्ट से वर्स्ट तक पूरी लिस्ट
रणबीर कपूर की फिल्में हिंदी सिनेमा के हर सच्चे सिनेफाइल के लिए बेहद खास रही हैं। रणबीर कपूर की फिल्में देखने का एक अलग ही अनुभव होता है क्योंकि रणबीर कपूर ने अपने पूरे करियर में ऐसी फिल्में चुनी हैं जो न सिर्फ दर्शकों को मनोरंजन देती हैं बल्कि उन्हें सोचने पर भी मजबूर करती हैं। रणबीर कपूर की फिल्मोग्राफी बेहद स्ट्रांग और विविध रही है। कमिंग ऑफ एज स्टोरीज से लेकर दिल तोड़ने वाली लव स्टोरीज तक, और अब हिंसा और एक्शन से भरपूर फिल्मों तक, रणबीर कपूर की फिल्में हर बार कुछ नया लेकर आती हैं।
इस आर्टिकल में हम रणबीर कपूर की सभी फिल्मों को रैंक करेंगे। यह रैंकिंग तीन मुख्य पैरामीटर्स पर आधारित है: पहला, रणबीर कपूर हर फिल्म को कितना एलिवेट करते हैं; दूसरा, डायरेक्टर ने फिल्म के कांसेप्ट को किस तरह से प्रेजेंट किया; और तीसरा, रणबीर कपूर की फिल्में समय के साथ कितनी अच्छी तरह से एज हुई हैं। यह एक पर्सनल रैंकिंग है और हर इंसान की रणबीर कपूर की फिल्में देखने का अनुभव अलग हो सकता है।
नंबर 20: बेशर्म — रणबीर कपूर की सबसे कमजोर फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में रैंक करते समय बेशर्म को सबसे नीचे रखना पड़ता है। बेशर्म रणबीर कपूर की सबसे कमजोर फिल्म है और इसका सबसे बड़ा कारण है अभिनव कश्यप का डायरेक्शन। जब रणबीर कपूर, ऋषि कपूर और नीतू कपूर जैसे तीन दमदार एक्टर एक साथ किसी फिल्म में हों और वह फिल्म फिर भी अच्छी न बने, तो यह सच में बहुत दुर्लभ बात है। ऋषि कपूर और नीतू जी के पुलिस ऑफिसर वाले किरदार काफी क्यूट थे, लेकिन रणबीर कपूर इस फिल्म में मिसकास्ट लगे। यह रोल रणबीर कपूर के लिए बना ही नहीं था। रणबीर कपूर की फिल्में जब भी अपने किरदार के हिसाब से सही नहीं होतीं, तब वह फिल्म दर्शकों को निराश करती है, और बेशर्म इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
नंबर 19: राजनीति — एक अच्छी फिल्म लेकिन रणबीर कपूर की नहीं
रणबीर कपूर की फिल्में रैंक करते समय राजनीति को 19वें नंबर पर रखना शायद कुछ लोगों को अजीब लगे। लेकिन यहाँ बात रणबीर कपूर की फिल्मों की है, न कि किसी मल्टीस्टारर फिल्म की। राजनीति एक अच्छी मल्टीस्टारर फिल्म है और प्रकाश झा का डायरेक्शन काबिलेतारीफ है। लेकिन यह एक क्विंटसेंशियल रणबीर कपूर फिल्म नहीं है। इस फिल्म में रणबीर कपूर को कई बड़े एक्टर्स ओवरशैडो कर देते हैं। रणबीर कपूर उस वक्त नए थे और एक्सपेरिमेंट कर रहे थे। उनके सीन्स भी फिल्म में काफी कम थे। रणबीर कपूर जैसे एक्टर के लिए इससे ज्यादा स्क्रीन टाइम मिलना चाहिए था।
नंबर 18: तू झूठी मैं मक्कार — एक बार देखने वाली फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में जब रिलीज होती हैं तो थिएटर में देखना एक अलग ही अनुभव होता है। तू झूठी मैं मक्कार जब रिलीज हुई थी तब बहुत एंजॉय की थी। लेकिन तीन साल बाद यह फिल्म उतनी अच्छी नहीं लगती। रणबीर कपूर की फिल्में जो समय के साथ और भी अच्छी लगती हैं, वही वास्तव में महान होती हैं। तू झूठी मैं मक्कार रणबीर कपूर की फिल्मोग्राफी के हिसाब से 7 से 10 साल देर से आई फिल्म लगती है। इसके गाने अच्छे हैं और पहली बार देखने का अनुभव मजेदार था, लेकिन रिवॉच करने का मन नहीं करता। यह रणबीर कपूर की एक वन टाइम वॉच फिल्म बनकर रह गई।
नंबर 17: बचना ऐ हसीनो — रणबीर कपूर का करियर की शुरुआती धमाका
रणबीर कपूर की फिल्में जब उनके करियर की शुरुआत में आई थीं तब उनमें एक ताजगी थी। बचना ऐ हसीनो उसी ताजगी का प्रतीक है। तू झूठी मैं मक्कार से बचना ऐ हसीनो इसलिए बेहतर है क्योंकि यह रणबीर कपूर के करियर की शुरुआती फिल्म थी। एक गुफी, फनी, कैसिनोवा टाइप का कैरेक्टर जो कमिटमेंट फोबिक है, यह रणबीर कपूर पर बिल्कुल फिट बैठता था। बचना ऐ हसीनो के ट्रेलर का सबसे हाइलाइट कमेंट यही है कि रणबीर ने अपनी खुद की बायोपिक बना ली। और यह बात सच भी लगती है क्योंकि यंग रणबीर कपूर के लिए यह किरदार बेहद ऑर्गेनिक था।
नंबर 16: बॉम्बे वेलवेट — रणबीर कपूर ने बचाई यह फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में तब और खास हो जाती हैं जब वह कमजोर फिल्म को भी अपनी परफॉर्मेंस से उठा लेते हैं। बॉम्बे वेलवेट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। रणबीर कपूर की कास्टिंग के अलावा इस फिल्म में बाकी सब कुछ गलत हो गया। अगर आज भी कोई बॉम्बे वेलवेट देखता है तो सिर्फ रणबीर कपूर की वजह से ही एंजॉय कर पाएगा। फिल्म की स्टोरी लाइन बुरी नहीं थी, यह मुंबई फेबल्स नामक किताब पर आधारित थी, जो खुद बेहतरीन है। लेकिन प्रोडक्शन इशूज ने फिल्म को बर्बाद कर दिया। फिर भी वह सीन जिसमें रणबीर दोनों हाथों में गन लेकर सबसे लड़ने आते हैं, वह एक सिनेमैटिक मोमेंट था जो स्कारफेस वाइब्स देता था।
नंबर 15: अनजाना अनजानी — एक ट्रैवल लव स्टोरी
रणबीर कपूर की फिल्में जब ट्रैवल और रोमांस को मिलाती हैं, तब वे खास बन जाती हैं। अनजाना अनजानी अब 16 साल पुरानी हो चुकी है लेकिन इसकी याद आज भी ताजी है। रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा की केमिस्ट्री इस फिल्म में बहुत सॉलिड थी। दो होपलेस रोमांटिक्स जो खुद को खत्म करना चाहते हैं और अचानक एक-दूसरे से मिलते हैं, यह कहानी रणबीर कपूर पर बहुत अच्छे से फिट बैठी। फिल्म कुछ जगह प्रिटेंशियस थी, लेकिन जब भी रणबीर कपूर ट्रैवलर का रोल प्ले करते हैं, तब रणबीर कपूर की फिल्में देखने का मजा दोगुना हो जाता है।
नंबर 14: ऐ दिल है मुश्किल — लव के दुविधा में फंसा किरदार
रणबीर कपूर की फिल्में जब लव और इमोशन को केंद्र में रखती हैं, तब वे ज्यादा असरदार होती हैं। ऐ दिल है मुश्किल की कहानी में रणबीर कपूर के किरदार को प्यार के दुविधा में देखना दिलचस्प था। यह करण जौहर की फिल्म थी जिसमें वह इम्तियाज अली जैसा सिनेमा बनाने की कोशिश कर रहे थे। कुछ हिस्से काम करते हैं और कुछ नहीं। फिल्म का सीरियस टोन पसंद आता है लेकिन जब रणबीर और अनुष्का का किरदार एक घंटे तक बॉलीवुड को ट्रिब्यूट देते हैं, वह हिस्सा अब काम नहीं करता। रणबीर कपूर और अनुष्का की केमिस्ट्री अच्छी थी। शाहरुख खान का कैमियो भी यादगार रहा।
नंबर 13: सावरिया — एक अंडररेटेड आर्ट फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में जो अंडररेटेड रह गईं उनमें सावरिया सबसे ऊपर है। सावरिया वह फिल्म है जिसे शायद बहुत कम लोगों ने देखा और पसंद किया। यह फिल्म बहुत एक्सपेरिमेंटल और आर्टसी थी मेन स्ट्रीम सिनेमा के लिए। संजय लीला भंसाली ने दोस्तोयेव्स्की के क्लासिक नॉवेल व्हाइट नाइट्स का बेहद दमदार अडेप्टेशन बनाया था। इस फिल्म के विजुअल्स और वर्ल्ड बेहद कैप्टिवेटिंग हैं। रणबीर कपूर ने डेब्यू फिल्म के रूप में एक बहुत मुश्किल फिल्म चुनी थी, जो उनकी एक्टिंग के प्रति समर्पण को दर्शाती है। सावरिया को हर सिनेफाइल को एक बार जरूर देखना चाहिए।
नंबर 12: अजब प्रेम की गजब कहानी — हल्की-फुल्की मनोरंजक फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में ज्यादातर सीरियस टोन की होती हैं। लेकिन अजब प्रेम की गजब कहानी इसका अपवाद है। रणबीर कपूर की फिल्में जब हल्की-फुल्की होती हैं, तब वे भी उतनी ही मजेदार होती हैं। यह एक हाई क्वालिटी स्लैपस्टिक कॉमेडी थी। इस फिल्म की टीवी पर रिवॉचेबिलिटी इतनी ज्यादा थी कि केबल वाला हर हफ्ते इसे चला देता था। इसके सभी गाने सुपरहिट थे और हर जगह बजते थे। केके का गाया हुआ “संसार नजर नहीं आता” आज भी एक यादगार गाना है। कॉमेडी होने के बावजूद इसे पीछे न रखकर 12वें नंबर पर रखना उचित है।
नंबर 11: शमशेरा — एक गलत समझी गई फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में जब बॉयकॉट का शिकार होती हैं, तब उनका सही मूल्यांकन नहीं हो पाता। शमशेरा ऐसी ही एक फिल्म है। यह एक कंट्रोवर्शियल टेक है, लेकिन शमशेरा वास्तव में एक अच्छी फिल्म है। रणबीर कपूर का डबल रोल, एक बैंडेड की कहानी जो चोरियां करता है, एक प्रॉपर वेस्टर्न मूवी वाली वाइब, और दमदार एक्शन सीन्स — यह सब शमशेरा को एक मनोरंजक अनुभव बनाता है। रणबीर कपूर और उस गोरे किरदार के बीच की लड़ाई और ट्रेन वाला सीन बेहतरीन था। रणबीर कपूर की फिल्में जो बॉयकॉट का शिकार हुईं, उन्हें निष्पक्ष होकर देखना जरूरी है। शमशेरा का कलर पैलेट और विजुअल्स भी बहुत स्ट्रांग हैं।
नंबर 10: ब्रह्मास्त्र — एक महत्वाकांक्षी फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में जब बड़े कैनवास पर बनती हैं तब उनसे बड़ी उम्मीदें होती हैं। ब्रह्मास्त्र एक ऐसी ही महत्वाकांक्षी फिल्म थी। ब्रह्मास्त्र एक टोटली ओरिजिनल इंडियन सुपरहीरो फिल्म है जिसका कांसेप्ट शानदार था। रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की केमिस्ट्री और उस एंडिंग सीन में जब शिवा ईशा के लिए जंप करता है, उस इंटेंसिटी को देखकर दिल भर आता है। कुछ चीजें थीं जो काम नहीं करतीं, लेकिन ब्रह्मास्त्र की फिल्म मेकिंग को सराहना चाहिए था। रणबीर कपूर की फिल्में जो एक पूरे यूनिवर्स को बनाने की कोशिश करती हैं, वे हमेशा एक एक्सपेरिमेंट होती हैं। अगर ब्रह्मास्त्र 2 बनती है तो वह देखने वाली फिल्म होगी।
नंबर 9: संजू — रणबीर कपूर की दमदार परफॉर्मेंस
रणबीर कपूर की फिल्में जब बायोपिक होती हैं तब उनकी परफॉर्मेंस देखने लायक होती है। संजू पूरी तरह से रणबीर कपूर की फिल्म है। संजय दत्त जैसे मुश्किल किरदार को जिस तरह से रणबीर कपूर ने जीया, वह काबिलेतारीफ है। जब भी रणबीर कपूर की परफॉर्मेंस पर बात होगी, संजू को हाई रैंक मिलेगी। बतौर फिल्म, संजू एक हेजियोग्राफी है — यानी एक इंसान को संत की तरह दिखाना और उसकी गलतियों को नरमी से दिखाना। राजकुमार हिरानी ने जानबूझकर ऐसी फिल्म बनाई क्योंकि वह संजय दत्त को बहुत एडमायर करते थे। रणबीर कपूर की फिल्में जब इस तरह की परफॉर्मेंस वाली होती हैं, तब दर्शक उन्हें भूल नहीं पाते।
नंबर 8: ये जवानी है दीवानी — एक जेनरेशन की आवाज
रणबीर कपूर की फिल्में जो एक पूरी जेनरेशन की भावनाओं को आवाज दें, वे टाइमलेस बन जाती हैं। ये जवानी है दीवानी ऐसी ही एक फिल्म है। जब यह फिल्म रिलीज हुई, तब टीनएजर्स और कॉलेज जाने वाले युवाओं के बीच इसका क्रेज देखने लायक था। ट्रैवल, दोस्ती, कमिंग ऑफ एज और लव — इन सब नैरेटिव्स को बहुत सॉलिड तरीके से दिखाया गया। रणबीर कपूर और फारूक शेख के सीन्स, बाप और बेटे का रिश्ता, एक अच्छे पिता की कहानी जो अपने बेटे के सपनों के लिए सब कुछ दे देता है — यह सब देखकर आंखें भर आती हैं। रणबीर कपूर की फिल्में जब इस तरह के होलसम मोमेंट्स देती हैं, तब उनका महत्व और बढ़ जाता है। इलाही और कबीरा जैसे गाने आज भी प्लेलिस्ट में चलते रहते हैं।
नंबर 7: रॉकेट सिंह — एक अनदेखी मास्टरपीस
रणबीर कपूर की फिल्में जो फ्लॉप हो गईं लेकिन असल में बेहतरीन थीं, उनमें रॉकेट सिंह सबसे ऊपर है। रॉकेट सिंह उस वक्त फ्लॉप हुई क्योंकि यह बहुत सिंपल और बहुत नाइस फिल्म थी। रणबीर कपूर ने इसमें एक सिख किरदार निभाया था जो बिल्कुल अनोखा था। रणबीर कपूर की फिल्मों में ऑफिस एनवायरमेंट का इस तरह का इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ था। रॉकेट सिंह एक स्कैमी स्टार्टअप वाली फिल्म है जहाँ रणबीर कपूर अपनी गैंग के साथ अपनी कंपनी बनाते हैं। सभी लूपहोल्स को फिगर आउट करते हुए एक प्रॉफिटेबल बिजनेस खड़ा करना — यह कहानी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। रणबीर कपूर की फिल्में जैसी रॉकेट सिंह आजकल नहीं बनतीं।
नंबर 6: जगा जासूस — बॉलीवुड की एक अनोखी फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में जो पूरी तरह यूनिक हों, उनमें जगा जासूस का नाम सबसे पहले आता है। जगा जासूस जैसी फिल्म दोबारा नहीं बन सकती। टॉप नच फिल्म मेकिंग, टॉप नच स्टोरी टेलिंग और इंडियन स्टैंडर्ड्स के हिसाब से पूरी तरह यूनिक। इस फिल्म का कलर पैलेट और स्टोरी टेलिंग का तरीका अद्भुत है। जगा का किरदार जो बोलते हुए हकलाता है, ऐसा हीरो पहले कभी नहीं देखा था। रणबीर कपूर की फिल्में जब ऐसे डिटेक्टिव किरदार लेकर आती हैं, तब दर्शक हैरान रह जाते हैं। जगा जासूस बॉलीवुड की उन बेहतरीन फिल्मों में से एक है जिन्होंने कुछ यूनिक ट्राई किया। जब यह रिलीज हुई, दर्शक इसके लिए रेडी नहीं थे।
नंबर 5: एनिमल — एक पोटेंट और विवादास्पद फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में जब विवाद में घिरती हैं, तब उनकी चर्चा और भी ज्यादा होती है। एनिमल ऐसी ही एक फिल्म है। एनिमल को पसंद करो या नापसंद, लेकिन इस फिल्म की मेकिंग की ताकत को नकारा नहीं जा सकता। रणबीर कपूर का किरदार रणविजय अलग ही स्तर पर हिट करता है। पर्सनल रिवेंज स्टोरी, बहुत वायलेंस, प्रॉब्लमैटिक किरदार — इन सब के बावजूद संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म मेकिंग बेहद दमदार थी। पहली बार एनिमल देखते वक्त ऐसा लगा जैसे एक बेहद पोटेंट फिल्म देख रहे हैं। रणबीर कपूर की फिल्में जब इस तरह के इंटेंस किरदार लेकर आती हैं, तब उन्हें स्वीकार करने में वक्त लगता है, लेकिन उनका असर लंबे समय तक रहता है। इस रोल में रणबीर कपूर के अलावा किसी और को सोचना इम्पॉसिबल है।
नंबर 4: तमाशा — एक टाइमलेस क्लासिक
रणबीर कपूर की फिल्में जो समय से आगे हों, वे हमेशा क्लासिक बन जाती हैं। तमाशा ऐसी ही एक फिल्म है। इम्तियाज अली जैसा फिल्म मेकर ही बचपन के ट्रॉमा और क्रिएटिव स्ट्रगल की इस कहानी को विजुअली समझा सकता था। और इसे कन्विंसिंग बनाने के लिए रणबीर कपूर जैसे एक्टर की जरूरत थी। रणबीर कपूर की हेवी लिफ्टिंग की वजह से ही यह फिल्म दर्शकों से कनेक्ट करती है। इम्तियाज अली के किरदारों को रणबीर कपूर बेहद अच्छे से समझते हैं। तमाशा को 30 साल बाद भी देखें तो कुछ नया समझ आएगा। रणबीर कपूर की फिल्में जो इस तरह की होती हैं, उन्हें इग्नोर नहीं किया जा सकता। मेरे लिए तमाशा एक परफेक्ट क्लासिक है।
नंबर 3: रॉकस्टार — रणबीर कपूर की सबसे यादगार एक्टिंग
रणबीर कपूर की फिल्में जो आपको हैरान कर दें, उनमें रॉकस्टार सबसे ऊपर है। जब रॉकस्टार रिलीज हुई, तो यह देख कर हैरान रह गए कि मेन स्ट्रीम सिनेमा में इतनी डीप स्टोरी लाइन आ सकती है। फिल्म की कहानी बताती है कि जॉर्डन यानी जनार्दन एक हार्टब्रेक से कैसे डील करता है और उस हार्टब्रेक को दर्शक भी फील करते हैं। किरदार का हर दर्द दर्शकों का दर्द बन जाता है। रणबीर कपूर ने इस किरदार को जिस तरह परफॉर्म किया, वह अविश्वसनीय था। थिएटर में यह फिल्म देखते वक्त यह अंदाजा नहीं था कि रणबीर कपूर के पास इतनी स्ट्रांग एक्टिंग रेंज है। रॉकस्टार के बाद से ही रणबीर कपूर को सीरियसली लेना शुरू हो गया। रणबीर कपूर की फिल्में जो हर बार देखने पर कुछ नया दिखाएं, वही सच में ग्रेट होती हैं।
नंबर 2: वेक अप सिड — एक पूरी जेनरेशन की कहानी
रणबीर कपूर की फिल्में जो जिंदगी से सीधा कनेक्ट करें, वे दिल के करीब होती हैं। वेक अप सिड ऐसी ही एक फिल्म है। एक धीमी सी कहानी जिससे आप पूरी तरह रिलेट करते हो। जब आप युवा होते हो, एस्पिरेशनल होते हो, तो दुनिया को घर बैठे फिल्मों में जैसा देखा होता है, वैसा ही सोचते हो। लेकिन बाहर निकलकर हासिल करने के बाद पता चलता है कि दुनिया कितनी अलग है। वेक अप सिड इस नैरेटिव को बहुत रियलिस्टिकली दिखाता है। रणबीर कपूर ने सिड का किरदार निभाया जो फोटोग्राफर बनना चाहता है। उस वक्त लोग सिड के किरदार से बहुत रिलेट करते थे। रणबीर कपूर की फिल्में जिनमें मुंबई शहर खुद एक किरदार बन जाती है, वे अलग ही एहसास देती हैं। रणबीर कपूर की फिल्में जैसी वेक अप सिड आजकल नहीं बनतीं क्योंकि उन पर 200-500 करोड़ का बॉक्स ऑफिस प्रेशर नहीं था।
नंबर 1: बर्फी — रणबीर कपूर की सबसे बेहतरीन फिल्म
रणबीर कपूर की फिल्में रैंक करते वक्त नंबर एक पर बर्फी को रखना बिल्कुल स्वाभाविक है। बर्फी देखते वक्त भूल ही गए थे कि रणबीर कपूर एक्टिंग कर रहे हैं। एक एक्टर जो अपने करियर के शिखर पर हो और वह एक बहरे-गूंगे किरदार को चुने — ऐसी फिल्म चॉइस से ही पता चलता है कि रणबीर कपूर एक्टिंग के प्रति कितने समर्पित हैं। रणबीर कपूर बाकी एक्टर्स की तरह फार्मूला फॉलो करके रोमांटिक फिल्में कर सकते थे और बॉक्स ऑफिस पर चलते रहते, लेकिन उनकी फिल्म चॉइस हमेशा उन्हें डिफरेंट और स्टैंडर्ड बनाती है।
बर्फी में बराबरी का क्रेडिट डायरेक्टर अनुराग बासु को जाता है। और बराबरी का क्रेडिट प्रियंका चोपड़ा को भी जाता है जिन्होंने इतने परफेक्शन से अपना किरदार निभाया कि रणबीर कपूर को भी एक लेवल का कंपटीशन मिल रहा था। रॉकस्टार में नरगिस फाखरी यह इंटेंसिटी मैच नहीं कर पाई थीं, लेकिन बर्फी में प्रियंका चोपड़ा और रणबीर कपूर की जोड़ी ने फिल्म की इंटेंसिटी बहुत हाई रखी।
रणबीर कपूर की फिल्में जो हर डिपार्टमेंट में एक्सीलेंट हों, वही नंबर एक की हकदार हैं। बर्फी में परफेक्ट अमाउंट की कॉमेडी है, परफेक्ट इमोशनल सीन्स हैं और परफेक्ट टेंस मोमेंट्स हैं। वह सीन जब बर्फी श्रुति के घर से बारिश में भीगते हुए निकलता है और अपने फटे कोट को देखाता है — यह सीन दिल को बेहद गहराई से छूता है। रणबीर कपूर की फिल्में जो इस तरह के इमोशनल सीन्स दें, वे दिलों में हमेशा के लिए बस जाती हैं।
निष्कर्ष — रणबीर कपूर की फिल्में और उनकी विरासत
रणबीर कपूर की फिल्में हिंदी सिनेमा की सबसे मजबूत फिल्मोग्राफी में से एक हैं। रणबीर कपूर की फिल्में हमेशा कुछ नया और अलग लेकर आती हैं। बर्फी से शुरू करें या वेक अप सिड से, रॉकस्टार से शुरू करें या तमाशा से — रणबीर कपूर की फिल्में हर बार एक अलग दुनिया में ले जाती हैं।
रणबीर कपूर की फिल्में इसलिए खास हैं क्योंकि उन्होंने कभी भी सिर्फ पैसे के लिए कोई फिल्म नहीं की। हर फिल्म में उन्होंने खुद को पूरी तरह झोंक दिया। रणबीर कपूर की फिल्में आगे भी उसी दमदार तरीके से आती रहें — रामायण जैसी बड़ी फिल्म के साथ — और रणबीर कपूर की फिल्में का यह सफर और भी शानदार होता जाए।
आप कमेंट में बताएं कि आपकी टॉप 5 रणबीर कपूर की फिल्में कौन सी हैं और आपकी सबसे कम पसंदीदा रणबीर कपूर की फिल्म कौन सी है।
