एक गलती जो बचा सकती थी दुनिया: मेटाकॉग्निटिव इंटेलिजेंस का सच

26 सितंबर 1983 की रात। सोवियत यूनियन का न्यूक्लियर कमांड सेंटर। रात के करीब बारह बजे अचानक एक तेज अलार्म बजता है। सारी स्क्रीनें लाल हो जाती हैं और सैटेलाइट…