Seekho App क्या है? ₹1 ट्रायल का सच, स्कैम या असली लर्निंग प्लेटफॉर्म?

Seekho App क्या है? ₹1 ट्रायल का सच, स्कैम या असली लर्निंग प्लेटफॉर्म?

Seekho App क्या है? ₹1 ट्रायल का सच, स्कैम या असली लर्निंग प्लेटफॉर्म?

तीन IITians, एक आइडिया और सिर्फ 4 साल में 15 करोड़ डाउनलोड्स, 50 लाख पेइंग सब्सक्राइबर्स और 10,540 करोड़ रुपए की वैल्यूएशन। Seekho App आज भारत की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट और लर्निंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुकी है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स भी इस पर दांव लगा रहे हैं।

लेकिन Seekho App की इस सफलता के साथ-साथ बड़े विवाद भी सामने आए हैं। बहुत सारे यूजर्स का कहना है कि Seekho App से उनके अकाउंट से बिना बताए पैसे काट लिए जाते हैं। ऐप अनइंस्टॉल करने के बाद भी पैसे कटते रहे। RBI तक शिकायत पहुँच चुकी है और इंटरनेट पर Seekho App को स्कैम तक कहा जाने लगा है।

तो आखिर सच क्या है? Seekho App स्कैम है या एक जेन्युइन लर्निंग प्लेटफॉर्म? आज हम Seekho App की पूरी यात्रा को डिकोड करेंगे और तथ्यों के साथ सच्चाई सामने रखेंगे।

Seekho App की शुरुआत — तीन IIT दोस्त और एक जरूरी सवाल

Seekho App का सफर शुरू होता है तीन दोस्तों के साथ — रोहित चौधरी, कृत अग्रवाल और यश बनवानी। ये तीनों IIT कानपुर में एक ही हॉस्टल में रहते थे। रोहित और कृत की दोस्ती तो IIT से भी पहले की थी क्योंकि दोनों JEE की तैयारी के दौरान ही एक-दूसरे से मिले थे।

IIT पूरी करने के बाद तीनों अलग-अलग रास्तों पर चले गए। रोहित ने पॉपुलर एडटेक प्लेटफॉर्म Toppr में करीब 3 साल काम किया और फिर अक्टूबर 2018 में Kuku FM जॉइन कर लिया। साथ ही कृत और यश भी 2019 के अंत तक Kuku FM में आ गए। रोहित वहाँ प्रोडक्ट लीड थे, कृत ग्रोथ एनालिस्ट और यश सीनियर डेवलपर।

Kuku FM में काम करते हुए इन तीनों ने एक पैटर्न नोटिस किया। टियर 2 और टियर 3 भारत के लोग क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट तो खूब देख रहे थे लेकिन उससे उनकी जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव नहीं आ रहा था। वहाँ मनोरंजन था, टाइमपास था लेकिन व्यावहारिक कौशल आधारित कंटेंट नहीं था जो उनकी आमदनी बढ़ा सके।

और यही बात इनके दिमाग में बैठ गई।

इसी बीच जून 2020 में भारत में TikTok बैन हो गया। पूरे देश में शॉर्ट वीडियो के लिए एक बड़ी जगह खाली हो गई। मौज आया, चिंगारी आया, मित्रों आया — लेकिन सभी मनोरंजन पर केंद्रित थे। गुणवत्तापूर्ण कौशल आधारित कंटेंट कहीं नहीं था।

तभी इन तीनों ने Kuku FM छोड़ा और खुद से एक सवाल पूछा — क्या हो अगर भारतीय सिर्फ टाइमपास के लिए नहीं बल्कि कुछ सीखने के लिए स्क्रॉल करें?

और इसी इरादे के साथ 2020 में शुरू हुआ Seekho App।

Seekho App की शुरुआती मुश्किलें और पहली कमाई

Seekho App की शुरुआत जितनी रोमांचक लगती है, उतनी थी नहीं। ऐप फ्री था, कंटेंट भी बन रहा था, यूजर्स भी आ रहे थे लेकिन पैसे नहीं बन रहे थे। ऊपर से फाउंडर्स 100 से ज्यादा इन्वेस्टर्स के पास गए लेकिन किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई।

हर बिजनेस को आखिरकार एक टिकाऊ राजस्व मॉडल बनाना होता है और Seekho App ने भी यही किया। यह वो दौर था जब कंपनी ग्रोथ के साथ-साथ कई परिचालन चुनौतियाँ भी संभाल रही थी। इसीलिए 199 रुपए की वार्षिक सब्सक्रिप्शन रखी गई जिसकी वजह से उस महीने करीब 4 लाख रुपए का राजस्व आया।

Seekho App ने पहली बार पैसे कमाए। यह संख्या छोटी लग सकती है लेकिन यही वो पल था जिसने साबित किया कि लोग कुछ अच्छा सीखने के लिए पैसे देने को तैयार हैं। और यहीं से इन्वेस्टर्स का ध्यान Seekho App की तरफ जाने लगा।

Seekho App में बड़े निवेश — भारतीय और अमेरिकी दोनों इन्वेस्टर्स का भरोसा

2021 में Seekho App में पहला निवेश आया जब ऐप अभी फ्री ही था। साथ ही कुछ बड़े नाम भी जुड़े जैसे गौरव मंजरेकर यानी Unacademy के फाउंडर, अनुपम मित्तल यानी Shaadi.com के फाउंडर और जीशान हयात जो खुद Toppr के सह-संस्थापक थे। मतलब भारत के शीर्ष उद्यमी Seekho App पर दांव लगा रहे थे।

फिर नवंबर 2024 में Lightspeed Venture Partners ने 8 मिलियन डॉलर यानी करीब 67 करोड़ रुपए का निवेश किया। यह वही अमेरिकी वेंचर कैपिटल फर्म है जिसने Snapchat जैसी कंपनियों में भी पैसे लगाए थे।

और फिर अगस्त 2025 में आया सबसे बड़ा निवेश — 28 मिलियन डॉलर यानी करीब 240 करोड़ रुपए। इस बार नेतृत्व किया Bessemer Venture Partners ने। यह वही फर्म है जिसने LinkedIn, Shopify और Pinterest को बढ़ते हुए देखा है।

कुल मिलाकर Seekho App में 42 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश आ चुका था और अगस्त 2025 में आए इस आखिरी निवेश के बाद कंपनी की वैल्यूएशन पहुँच गई 1540 करोड़ रुपए पर।

Seekho App में इन्वेस्टर्स क्यों लगा रहे हैं पैसे?

Seekho App को 15 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। हर महीने ढाई करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं। और सबसे दिलचस्प बात यह है कि इनमें से भी 50 लाख लोग ऐसे हैं जो हर महीने सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे भरते हैं।

एक ऐसे देश में जहाँ लोग ऑनलाइन कंटेंट के लिए पैसे देने से हिचकिचाते हैं, वहाँ 50 लाख पेइंग सब्सक्राइबर्स — यही वो संख्या है जो इन्वेस्टर्स को आकर्षित करती है।

Seekho App की वित्तीय वृद्धि की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में Seekho App का राजस्व था सिर्फ 1.5 करोड़ रुपए। लेकिन अगले ही साल यानी वित्त वर्ष 2025 में यह राजस्व पहुँच गया 141 करोड़ रुपए पर। यानी सिर्फ 1 साल में 12 गुना ग्रोथ।

लेकिन Seekho App का एक और डेटा भी सामने आया जो सोचने पर मजबूर करता है। 141 करोड़ कमाने के लिए Seekho App ने 134 करोड़ रुपए तो सिर्फ मार्केटिंग पर खर्च कर दिए। यानी हर 1 रुपए कमाने के लिए 1.27 रुपए खर्च हुए।

यह घाटे का सौदा लग सकता है लेकिन इन्वेस्टर्स जानते हैं कि यह एक ग्रोथ इन्वेस्टमेंट है। जितने ज्यादा पेइंग सब्सक्राइबर्स बनेंगे, उतना ज्यादा रिकरिंग रेवेन्यू आएगा।

Seekho App क्या है — सबसे बड़ी गलतफहमी

Seekho App के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि लोग इसे कोई जॉब गारंटेड प्लेटफॉर्म या कमाई की स्कीम समझ लेते हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है।

Seekho App एक सब्सक्रिप्शन आधारित लर्निंग ऐप है जहाँ शॉर्ट वीडियोज में व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। YouTube ग्रोथ, शेयर मार्केट, अंग्रेजी बोलना, सरकारी योजनाएं और मोबाइल ट्रिक्स — इस तरह के कौशल आधारित कंटेंट से भरा हुआ है यह ऐप।

Seekho App खासकर उन लोगों के लिए है जो रोज कम समय देकर कुछ नया सीखना चाहते हैं।

Seekho App को एक डिजिटल लाइब्रेरी की तरह समझिए। लाइब्रेरी में जाते हैं तो हजारों किताबें मिलती हैं लेकिन लाइब्रेरी यह नहीं कहती कि आप टॉपर ही बन जाएंगे। वो तो सिर्फ ज्ञान तक पहुँच देती है। Seekho App भी बस यही करता है — किताबों की जगह शॉर्ट वीडियोज हैं।

Seekho App का ₹1 ट्रायल मॉडल — असली कंफ्यूजन यहाँ है

Seekho App का पूरा बिजनेस मॉडल एक ही चीज पर टिका हुआ है — सब्सक्रिप्शन। कोई विज्ञापन नहीं, कोई स्पॉन्सर नहीं, सिर्फ सब्सक्रिप्शन। इसीलिए Seekho App को ज्यादा से ज्यादा लोगों को सब्सक्राइबर बनाना है और इसके लिए उन्होंने अपनाया ₹1 ट्रायल वाला मॉडल।

Seekho App का ₹1 ट्रायल मॉडल काम कैसे करता है, यह समझना जरूरी है।

ऐप खोलिए, फोन नंबर डालिए, OTP डालिए और फिर अगली स्क्रीन पर आता है — सिर्फ ₹1 में 3 दिन का ट्रायल। आपने ₹1 पेमेंट किया और 3 दिन तक Seekho App यूज किया। लेकिन यहाँ एक बात है जो बहुत सारे लोगों को नहीं पता चलती।

जब आपने ₹1 पे किया था, सिर्फ ₹1 नहीं कटा। साथ में एक UPI ऑटो पेमेंट भी एक्टिवेट हो गया। मतलब आपने Seekho App को परमिशन दे दी कि वह हर महीने ऑटोमेटिकली आपके अकाउंट से सब्सक्रिप्शन का पैसा काट सके। इसीलिए 3 दिन का ट्रायल खत्म होते ही 199 रुपए ऑटोमेटिकली कट गए।

और Seekho App से जुड़ी सबसे बड़ी कंफ्यूजन जो हजारों लोगों को हुई वो यह है कि ऐप डिलीट कर दी फिर भी पैसे कटते रहे।

यह इसलिए होता है क्योंकि यह मैंडेट Seekho App में नहीं होता — यह आपके UPI ऐप में होता है जैसे PhonePe, Google Pay या Paytm में। इसीलिए Seekho App डिलीट करने से मैंडेट कैंसिल नहीं होता।

मैंडेट कैंसिल करने के लिए आपको अपने UPI ऐप में जाना होगा। अगर PhonePe यूज करते हैं तो नीचे स्क्रॉल करके Manage Payments पर जाएं। वहाँ Auto Pay का ऑप्शन मिलेगा। यहाँ क्लिक करने पर आपके सभी एक्टिव ऑटो पे दिखेंगे। जिसे कैंसिल करना हो उस पर क्लिक करें, Delete Auto Pay चुनें और UPI पिन डाल दें।

Seekho App और RBI शिकायत — पूरा मामला क्या है?

Seekho App की शिकायतें Google Play Store पर दिखने लगी थीं। ₹1 पे किए और फिर अगले महीने 199 कट गए — यह एक-दो नहीं बल्कि हजारों लोगों का एक जैसा अनुभव था।

मई 2025 में RBI को एक गुमनाम शिकायत भी मिली जिसमें कहा गया कि कुछ ऐप्स ₹1 का ट्रायल दिखाते हैं लेकिन यूजर्स को स्पष्ट रूप से नहीं बताते कि यह एक रिकरिंग ऑटो डेबिट है। इसमें Kuku FM और Stage के साथ Seekho App का नाम भी शामिल था।

हालाँकि Seekho App का कहना है कि वह सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं, हर डेबिट से पहले स्पष्ट नोटिफिकेशन भेजते हैं, मैंडेट डिटेल्स डैशबोर्ड पर उपलब्ध है और ऐप में कोई छुपे चार्ज नहीं हैं।

और एक महत्वपूर्ण बात — अगर सब्सक्रिप्शन के पैसे गलती से कट गए हैं तो 7 दिनों के अंदर रिफंड रिक्वेस्ट की जा सकती है। Seekho App का सपोर्ट नंबर पर कॉल, चैट या support@seekho.app पर ईमेल के जरिए इंस्टेंट रिस्पांस मिलता है।

Seekho App का क्रिएटर मॉडल — Netflix जैसी क्यूरेशन

Seekho App पर कंटेंट कौन बनाता है? कोई भी जैसे YouTube पर होता है? नहीं। Seekho App पर कंटेंट बनाना उतना आसान नहीं है।

Seekho App एक बंद क्यूरेटेड सिस्टम है। Seekho App खुद क्रिएटर्स को चुनता है जिन्हें Show Runners कहते हैं। हर क्रिएटर को पहले पायलट टॉपिक दिया जाता है और अगर वो चला तो शो आगे बढ़ता है वरना कैंसिल। बिल्कुल Netflix जैसा मॉडल।

Seekho App पर 50 से ज्यादा क्रिएटर्स हैं और शीर्ष क्रिएटर्स काफी अच्छी कमाई करते हैं। एक रोचक बात यह है कि क्रिएटर्स अपने टॉपिक खुद सुझाते हैं और Seekho App की आंतरिक टीम उन्हें परिष्कृत करती है।

Seekho App सिर्फ ऐप तक सीमित नहीं है। इनका बहुत सारा कंटेंट Instagram, YouTube और LinkedIn पर भी उपलब्ध है। मतलब Seekho App को ऐप के बाहर भी फॉलो किया जा सकता है।

लेकिन एक ईमानदार बात यह भी है कि Seekho App पर जो कंटेंट है उसका बड़ा हिस्सा YouTube और Instagram पर तो मुफ्त में ही मिल जाता है। तो फिर लाखों लोग इसके लिए पैसे क्यों देते हैं? क्योंकि Seekho App ने उसे एक जगह, आपकी भाषा में, एक क्यूरेटेड तरीके से रखा है। और उसी क्यूरेशन के लिए लोग पैसे देते हैं।

Seekho App स्कैम है या नहीं — असली जवाब

Seekho App स्कैम है या नहीं? इसका जवाब सीधे हाँ या ना में नहीं है।

प्रोडक्ट असली है, कंटेंट असली है, 50 लाख पेइंग सब्सक्राइबर्स असली हैं। तीन दोस्तों ने एक जेन्युइन समस्या पहचानी — टियर 2 और टियर 3 भारत के लिए व्यावहारिक लर्निंग कंटेंट की जरूरत थी और उन्होंने उसे हल करने की कोशिश की।

लेकिन Seekho App का ₹1 ट्रायल वाला मॉडल एक ऐसे सिस्टम पर काम करता है जो बहुत सारे लोगों को कंफ्यूज करता है और यही कंफ्यूजन सबसे बड़ी समस्या है।

Seekho App इस मॉडल में अकेला नहीं है। Kuku FM और Stage भी यही कर रहे हैं। इसलिए यह किसी एक कंपनी का मुद्दा नहीं है — यह पूरे सब्सक्रिप्शन मॉडल का मुद्दा है। और कहीं न कहीं यूजर्स के पास कम जानकारी का भी इसमें बड़ा रोल है।

Seekho App का फैसला आपका है। अगर आप टियर 2 और टियर 3 भारत में हैं, हिंदी में सीखना चाहते हैं और रोज थोड़ा समय निकाल सकते हैं तो Seekho App को जरूर आजमाएं। बस ₹1 ट्रायल के समय यह याद रखें कि UPI ऑटो पेमेंट एक्टिवेट हो जाता है और उसे कैंसिल करने के लिए आपको अपने UPI ऐप में जाना होगा।

तीन दोस्तों ने एक असली समस्या पहचानी, एक असली प्रोडक्ट बनाया और भारत के लिए सीखने को सुलभ बनाने की कोशिश की। यह विजन जेन्युइनली मूल्यवान है।

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