Temple Run सिर्फ एक मोबाइल गेम नहीं था। Temple Run एक ऐसा एहसास था जो हर उस इंसान को याद है जिसने कभी स्मार्टफोन हाथ में लिया हो। Temple Run के दीवाने क्लासरूम में बैठे स्टूडेंट्स थे, मेट्रो में सफर करते नौकरीपेशा लोग थे, कॉलेज कैंटीन में बैठे दोस्त थे। हर जगह एक ही सीन था। Temple Run खेलो, भागते रहो, कॉइन उठाओ और उस डेमोन से बचते रहो जो हर पल पीछे दौड़ता आ रहा है। Temple Run ने उस दौर में एक ऐसी जगह बनाई जो न उम्र देखती थी, न जेंडर, न बैकग्राउंड।
Temple Run का असर इतना गहरा था कि आज मोबाइल गेमिंग जिस मुकाम पर है, उसकी नींव कहीं न कहीं Temple Run ने ही रखी थी। हाँ, आज का जमाना Free Fire और BGMI जैसे हाई-ग्राफिक गेम्स का है। लेकिन Temple Run ने सबसे पहले यह साबित किया था कि एक सिंपल गेम भी करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बना सकता है।
लेकिन फिर वो Temple Run जिसने दुनिया को सिखाया कि असली थ्रिल जीतने में नहीं बल्कि थोड़ा और दौड़ते रहने में है, वह खुद इस दौड़ में पीछे कैसे रह गया? Temple Run की पूरी कहानी क्या है? Temple Run कैसे बना, Temple Run कैसे छाया और Temple Run कैसे फीका पड़ गया? आज इस आर्टिकल में Temple Run की पूरी और सच्ची कहानी जानेंगे।
Temple Run की शुरुआत — एक Husband-Wife की जोड़ी और एक बड़ा सपना
Temple Run की कहानी शुरू होती है Keith Shepherd और Natalia Luckyanova से। Keith और Natalia एक हस्बैंड-वाइफ की जोड़ी थे जो Vagansa Technologies नाम की एक कंपनी में एक साथ काम करते थे। Keith और Natalia का काम था हॉस्पिटल्स के लिए सॉफ्टवेयर बनाना। काम अच्छा था, तनख्वाह भी ठीकठाक थी, लेकिन मन में एक बेचैनी थी। Keith और Natalia दोनों चाहते थे कि कुछ अपना किया जाए, कुछ ऐसा जहाँ क्रिएटिविटी की कोई सीमा न हो।
Keith बचपन से गेम डेवलप करने के शौकीन थे। Keith के लिए गेम बनाना एक साइड हॉबी की तरह था जो वह अपनी नौकरी के साथ-साथ करते रहते थे। Keith Apple के भी बहुत बड़े दीवाने थे। Keith हर बार नया iPhone लॉन्च होते ही सबसे पहले लाइन में खड़े दिखाई देते थे।
2008 में जब Apple ने ऐलान किया कि वह जल्द App Store लॉन्च करने वाले हैं, तो Keith के लिए यह पल एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया। Keith ने सोचा कि यही सही मौका है। नौकरी छोड़ो और App Store के लिए गेम्स बनाओ। Natalia ने भी Keith का साथ दिया और दोनों ने 2008 में अपना पहला प्रोजेक्ट शुरू किया।
Imangi Studios का जन्म और पहला गेम
Keith और Natalia ने अपने पहले प्रोजेक्ट के रूप में एक वर्ड पज़ल गेम बनाया जिसका नाम रखा Imangi। Imangi गेम इतना खास रहा कि Keith और Natalia ने बाद में अपनी कंपनी का नाम भी Imangi Studios रख दिया। Imangi Studios का पहला गेम पहले ही महीने में करीब 5000 डॉलर की कमाई कर चुका था जो Keith और Natalia की उम्मीद से कहीं ज्यादा था।
Imangi Studios के इस पहले गेम की सफलता ने Keith और Natalia को काफी कॉन्फिडेंस दिया। Imangi Studios की टीम ने सोचा कि अगर इतने सिंपल गेम ने इतना अच्छा परफॉर्म किया है तो आगे कुछ और बड़ा जरूर किया जा सकता है।
इसी उत्साह में Imangi Studios ने कई सारे वर्ड गेम्स बनाए। Keith और Natalia को उम्मीद थी कि इनमें से कुछ तो जरूर हिट होंगे। लेकिन नतीजा बिल्कुल उल्टा रहा। Imangi Studios के ये सारे गेम्स मार्केट में गुमनाम होकर रह गए।
Little Red Sled की गलती और बड़ा सबक
हार मानने की बजाय Keith और Natalia ने डिसाइड किया कि कुछ और बड़ा किया जाए। Imangi Studios ने प्लान बनाया कि क्रिसमस तक बच्चों के लिए एक 3D रेसिंग गेम बनाया जाए जिसका नाम था Little Red Sled। Little Red Sled का कांसेप्ट बिल्कुल सिंपल था। एक कार्टून किड बर्फीले पहाड़ों पर रेस करता है, हवा में उड़ता है और मुश्किलों से बचते हुए फिनिश लाइन तक पहुँचता है।
Little Red Sled देखने में बहुत अट्रैक्टिव और स्मूथ था। Imangi Studios ने प्लान किया था कि Little Red Sled को 3 महीने में पूरा करके क्रिसमस सीजन में लॉन्च किया जाएगा। लेकिन Little Red Sled का प्रोजेक्ट खिंचते-खिंचते 6 महीने में जाकर पूरा हुआ। तब तक क्रिसमस को गए हुए काफी वक्त हो चुका था। वो परफेक्ट टाइमिंग जिसके लिए Little Red Sled बनाया गया था, वह निकल चुकी थी।
Little Red Sled के इस अनुभव ने Imangi Studios को एक बड़ा सबक दिया। Keith और Natalia ने डिसाइड किया कि आज के बाद Imangi Studios कभी भी सीजनल गेम्स नहीं बनाएगी।
Harbor Master — पहली बड़ी सफलता
2009 में Imangi Studios ने एक छोटा सा गेम लॉन्च किया — Harbor Master। Harbor Master एक छोटा प्रोजेक्ट था लेकिन इसका रिजल्ट बड़ा था। Harbor Master Imangi Studios का पहला ऐसा गेम था जिसने सिर्फ एक साल में ही 1 लाख डॉलर से ज्यादा की कमाई की।
Harbor Master की इस सफलता ने Keith और Natalia को पहली बार यह एहसास दिलाया कि Imangi Studios सच में अपने दम पर कुछ बड़ा कर सकती है। Harbor Master की सफलता के बाद Imangi Studios एक उभरता हुआ नाम बन रही थी।
Harbor Master की सफलता के बाद Imangi Studios ने एक टैलेंटेड आर्टिस्ट Kiril Tchangov को हायर किया। Kiril Tchangov के आने से Imangi Studios की टीम दो से तीन लोगों की हो गई।
Max Adventure — वो फेलियर जिसने Temple Run को जन्म दिया
Kiril Tchangov के आने के बाद Imangi Studios ने मिलकर Max Adventure नाम के गेम पर काम करना शुरू किया। Max Adventure में काफी पैसा इन्वेस्ट किया गया था। Max Adventure के विजुअल्स बहुत अच्छे बनाए गए थे जो बच्चों के लिए काफी अट्रैक्टिव थे।
लेकिन Max Adventure की सबसे बड़ी समस्या यह थी कि Max Adventure का गेम प्ले बहुत कॉम्प्लेक्स था। Max Adventure को खेलने वाले प्लेयर्स गेम एंजॉय नहीं कर पा रहे थे। कुछ प्लेयर्स को तो यह भी समझ नहीं आता था कि Max Adventure को खेला कैसे जाए। इसीलिए Max Adventure को खेलने वाले ज्यादातर प्लेयर्स फ्रस्ट्रेटेड होकर गेम छोड़ देते थे।
Max Adventure की इस असफलता के बाद Keith और Natalia ने तय किया कि आगे कोई भी गेम बनाने से पहले वह यह समझेंगे कि Max Adventure में कहाँ-कहाँ गलतियाँ हुई हैं। उसी दौरान Imangi Studios की टीम ने एक बेहद खास बात नोटिस की। Max Adventure में जब कैरेक्टर कॉइन कलेक्ट करता था तो वह मोमेंट बहुत सेटिस्फाइंग लगता था। Max Adventure में कॉइन कलेक्ट करने का वह फील बहुत अच्छा था।
और यही वो पल था जब Imangi Studios को Temple Run का कांसेप्ट मिला।
Temple Run का कांसेप्ट — कैसे बनी यह कहानी
Temple Run का कांसेप्ट तय हो गया था — एक एंडलेस रनिंग गेम जिसमें कॉइन कलेक्ट करते हुए भागते रहना है। लेकिन Temple Run को बनाना उतना आसान नहीं था जितना यह कांसेप्ट सुनने में लगता था।
Imangi Studios की टीम हर गेम की शुरुआत एक प्रोटोटाइप से करती थी। Temple Run के लिए भी बिना फैंसी ग्राफिक्स के पहले एक बेसिक स्क्रीन बनाई गई जिसमें कुछ सिंपल शेप्स और एक कैरेक्टर था जो बस आगे दौड़ता रहता था।
इस Temple Run के प्रोटोटाइप को जब Kiril Tchangov ने देखा तो एक ऐसा आईडिया दिया जिसने Imangi Studios की किस्मत ही पलट दी। Kiril ने कहा — Temple Run को एक ऐसे टेंपल में सेट करो जिसमें पुराने नक्काशी हों और चारों तरफ एक डरावने जंगल का वाइब हो।
Keith को भी यह Temple Run का कांसेप्ट तुरंत पसंद आया। लेकिन Temple Run में एक सवाल अब भी बाकी था — यह कैरेक्टर भाग क्यों रहा है?
तब Temple Run की कहानी में एक माइथोलॉजिकल ट्विस्ट जोड़ा गया। Temple Run में कहानी बनाई गई कि एक एक्सप्लोरर ने मंदिर से एक कीमती चीज चुरा ली है और अब वह एक रहस्यमई दुनिया में फँस गया है जहाँ उसे लगातार भागते रहना पड़ता है।
Temple Run में अब अगला सवाल था — उसका पीछा कौन कर रहा है?
Temple Run का वो डेविल मंकी — जिसने सब बदल दिया
Imangi Studios की फिलॉसफी हमेशा से साफ रही थी। Temple Run में कोई गन नहीं होगी, कोई वायलेंस नहीं होगी। इसीलिए Temple Run में पहले आईडिया था कि चोर के पीछे एक विशाल पत्थर लुढ़कता हुआ आएगा। Temple Run में यह पत्थर इतना बड़ा होगा कि प्लेयर के पास मुकाबला करने का ऑप्शन ही न रहे — बस जान बचाकर भागते जाओ।
लेकिन Kiril Tchangov ने Temple Run में उस पत्थर की जगह Devil Monkey लाने का आईडिया दिया। Temple Run के इस Devil Monkey की डिजाइनिंग करते हुए Kiril ने एक ऐसा कैरेक्टर बनाया जिसका चेहरा बेहद खतरनाक था। Temple Run के Devil Monkey की आँखें ग्लो करती हुई थीं और उसकी हर हरकत में एक अजीब सा डर था।
लेकिन Temple Run के इस Devil Monkey को लेकर Imangi Studios की टीम में डिबेट शुरू हो गई। Natalia को Temple Run का यह Devil Monkey बहुत भयानक लगा। Natalia को डर था कि लोग डरकर Temple Run ही छोड़ देंगे। Keith को भी Temple Run का यह Devil Monkey खास पसंद नहीं आया क्योंकि Keith का मकसद था कि Temple Run में प्लेयर सिर्फ टेंशन महसूस करें, डरें नहीं।
लेकिन Kiril ने ठान रखा था कि Temple Run में यही Devil Monkey रहेगा। Kiril का मानना था कि Temple Run जितना डरावना होगा उतना ही मजेदार होगा। लंबे डिबेट के बाद आखिरकार Temple Run में Devil Monkey को रखने का फैसला हुआ।
Temple Run का लॉन्च और पहली चुनौती
Temple Run को 4 अगस्त 2011 को App Store पर लॉन्च किया गया। Temple Run की कीमत रखी गई 99 सेंट्स। Temple Run को शुरुआत में लोगों ने खूब पसंद किया। Temple Run चार्ट पर तेजी से चढ़ा, भर-भर कर पॉजिटिव रिव्यूज आने लगे और Temple Run के डाउनलोड्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी।
लेकिन Temple Run के लॉन्च के कुछ ही हफ्तों बाद कहानी पूरी तरह पलट गई। Temple Run के डाउनलोड्स धीरे-धीरे कम होने लगे। Temple Run की पॉपुलरिटी नीचे गिरने लगी। मोबाइल गेमिंग की दुनिया में इसे Death Spiral कहते हैं — जहाँ एक बार गेम नीचे जाना शुरू कर दे तो उसे वापस ऊपर लाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
Imangi Studios के लिए Temple Run का यह दौर बेहद मुश्किल था। Keith और Natalia किसी भी तरह Temple Run को बचाना चाहते थे।
Temple Run को फ्री किया — और इतिहास बदल गया
Temple Run के लॉन्च के 4 महीने बाद यानी दिसंबर 2011 में Imangi Studios ने एक बड़ा फैसला लिया। Temple Run से 99 सेंट्स की प्राइस हटाकर Temple Run को पूरी तरह फ्री कर दिया गया। Temple Run में रेवेन्यू के लिए ऐड्स लगाए गए।
Temple Run के फ्री होते ही डाउनलोड्स में बाढ़ आ गई। Temple Run ने कुछ ही हफ्तों में पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया। दिसंबर 2011 में Temple Run ने iTunes Store के Top 50 Most Downloaded Apps में अपनी जगह बना ली। Temple Run जल्द ही नंबर वन फ्री iOS App बन गया।
Temple Run की यह ग्रोथ देखकर Imangi Studios भी हैरान थी। Temple Run ने साबित कर दिया था कि फ्री-टू-प्ले मॉडल मोबाइल गेमिंग में कितना असरदार हो सकता है।
Temple Run का Android पर आना और ग्लोबल धमाका
शुरुआत में Temple Run सिर्फ iOS के लिए लॉन्च किया गया था। Temple Run ने iPhone यूजर्स के बीच एक यूनिक पहचान बनाई थी। लेकिन Temple Run की बढ़ती पॉपुलरिटी को देखते हुए Imangi Studios ने Temple Run को Android पर भी लाने का फैसला किया।
27 मार्च 2012 को Temple Run का Android वर्जन रिलीज हुआ। Temple Run के Android वर्जन को सिर्फ 3 दिनों में 1 मिलियन से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया गया। Temple Run जो पहले सिर्फ iPhone यूजर्स का फेवरेट था, अब Android पर आने के बाद हर स्मार्टफोन में दिखाई देने लगा।
Temple Run अब हर जगह था — कॉलेज, ऑफिस, घर, सफर — Temple Run हर किसी का टाइम पास बन गया था। Temple Run के हाई स्कोर के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। YouTube पर Temple Run के गेमप्ले वीडियोज छाने लगे। कई सेलिब्रिटीज भी Temple Run के दीवाने बन गए।
Temple Run के लॉन्च के एक साल पूरे होते-होते यानी अगस्त 2012 तक Temple Run ने 100 मिलियन से भी ज्यादा डाउनलोड्स पूरे कर लिए थे। Temple Run के प्लेयर्स ने दुनिया भर में 10 अरब से ज्यादा बार Temple Run के सेशंस खेले थे। अगर Temple Run के सारे गेमप्ले टाइम को जोड़ा जाए तो लोग Temple Run के 54,000 साल तक खेल चुके थे।
Temple Run और Disney का धमाकेदार Collaboration
Temple Run का क्रेज देखकर Hollywood का ध्यान भी Temple Run की तरफ गया। 2012 में Disney ने Imangi Studios के साथ हाथ मिलाया। Disney और Imangi Studios ने मिलकर Temple Run: Brave बनाया जो Pixar की फिल्म Brave पर आधारित था। Temple Run: Brave में गेमप्ले वही था लेकिन विजुअल्स और थीम में Disney का जादू साफ दिखाई देता था।
Temple Run: Brave के बाद 2013 में Temple Run: Oz भी लॉन्च हुआ जो Disney की फिल्म Oz The Great and Powerful से इंस्पायर्ड था। Temple Run: Oz पहले से भी ज्यादा कलरफुल, सिनेमेटिक और एडवेंचरस था। Temple Run: Oz में खेलते हुए प्लेयर्स को ऐसा लगता था जैसे वह किसी फिल्म का हिस्सा बन गए हों।
Temple Run 2 — रिकॉर्ड टूटे, इतिहास बना
2013 में Imangi Studios ने Temple Run 2 लॉन्च किया। Temple Run 2 ओरिजिनल Temple Run का सीक्वल था लेकिन Temple Run 2 में हर चीज को बड़ा, बेहतर और ज्यादा थ्रिलिंग बनाया गया था। Temple Run 2 के लॉन्च के सिर्फ दो हफ्ते बाद ही Temple Run 2 ने 50 मिलियन डाउनलोड्स के साथ App Store के सारे रिकॉर्ड्स तोड़ दिए।
Temple Run 2 में Imangi Studios ने एक बेहद खास कैरेक्टर Usain Bolt को इंट्रोड्यूस किया। Usain Bolt रियल लाइफ में दुनिया के सबसे तेज धावक माने जाते हैं। दिलचस्प बात यह थी कि Usain Bolt खुद ओलंपिक रेस से पहले वार्म-अप के लिए Temple Run खेला करते थे। जब Imangi Studios को यह बात पता चली तो Imangi Studios ने Usain Bolt को Temple Run 2 में शामिल होने का ऑफर दे दिया।
Temple Run 2 में Usain Bolt का यह कोलैबोरेशन बेहद पॉपुलर हुआ। Temple Run 2 में Usain Bolt को खेलते हुए प्लेयर्स को ऐसा लगने लगा जैसे वह खुद दुनिया के सबसे तेज इंसान की स्पीड से दौड़ रहे हों। Temple Run 2 में Usain Bolt का कैरेक्टर Temple Run के सबसे पसंदीदा कैरेक्टर्स में से एक बन गया।
Temple Run का डाउनफॉल — जब दौड़ थमने लगी
Temple Run ने ऊँचाई देखी थी, Temple Run ने रिकॉर्ड तोड़े थे, लेकिन हर ऊँचाई के बाद ढलान शुरू होती है। Temple Run भी अब उसी ढलान की तरफ बढ़ने लगा था।
Temple Run अपने ही रिपीटेशन में फँसने लगा। Temple Run का हर सेशन एक ही था — रन, टर्न, जंप, डाई और फिर से रन। Temple Run 2 दिखने में जरूर बेहतर था लेकिन Temple Run का कोर गेमप्ले वही था। Temple Run में एक ऐसी दौड़ थी जो कभी खत्म नहीं होती थी।
Temple Run के प्लेयर्स अब Temple Run से धीरे-धीरे बोर होने लगे थे। Temple Run के प्लेयर्स को ज्यादा मिशंस चाहिए थे, ज्यादा थ्रिल चाहिए था। लेकिन Imangi Studios चाहती थी कि Temple Run की सिंपलिसिटी बनी रहे।
Subway Surfers — Temple Run का सबसे बड़ा competitor
Temple Run की इसी कमजोरी को नोटिस किया Sybo Games और Kiloo ने। 2012 में Subway Surfers लॉन्च हुआ। पहली नजर में Subway Surfers भी Temple Run जैसा ही एंडलेस रनिंग गेम लग रहा था। लेकिन Subway Surfers और Temple Run में फर्क बहुत बड़ा था।
Subway Surfers, Temple Run से ज्यादा तेज था, ज्यादा कलरफुल था और ज्यादा अलाइव था। Subway Surfers में हर कैरेक्टर की अपनी पर्सनालिटी थी। Subway Surfers में हर रन में एक अलग एनर्जी थी जो Temple Run में अब खो चुकी थी। Temple Run के जंगल के अँधेरे की जगह Subway Surfers में चमकते हुए सबवेज थे, होवरबोर्ड्स पर दौड़ते बच्चे थे और बैकग्राउंड में बजता कूल हिपहॉप म्यूजिक था।
Subway Surfers और Temple Run में सबसे बड़ा फर्क था अपडेट्स का। Subway Surfers हर महीने अपडेट होता था। Subway Surfers में हर बार एक नए World Tour का अपडेट आता था जिसमें प्लेयर्स को Paris, Tokyo, Cairo जैसे नए शहरों के नए विजुअल्स और नए कैरेक्टर मिलते थे।
Temple Run को लेकर Imangi Studios की टीम हमेशा से छोटी रही — सिर्फ 10 से 12 डेवलपर्स। Keith और Natalia खुद चाहते थे कि Imangi Studios की टीम छोटी रहे ताकि Temple Run में क्रिएटिविटी जिंदा रहे। लेकिन Temple Run के इस छोटी टीम का बड़ा नुकसान यह हुआ कि Temple Run इतने बड़े स्केल पर जल्दी-जल्दी अपडेट्स नहीं ला सकी।
2012 में Temple Run टॉप पर था, 2018 आते-आते Subway Surfers दुनिया का सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला मोबाइल गेम बन गया था।
Temple Run के बाद के प्रयोग और असफलताएँ
Temple Run 2 के बाद Imangi Studios ने Temple Run को नए रूप में लाने की कोशिश की।
2014 में Temple Run VR लॉन्च किया गया जो Samsung Gear के लिए था। Temple Run VR में खिलाड़ी फर्स्ट पर्सन व्यू में Temple Run खेल सकते थे। लेकिन Temple Run VR ज्यादा हिट नहीं हो पाया क्योंकि उस दौर में VR डिवाइसेस आम लोगों के बीच उतने पॉपुलर नहीं थे।
नवंबर 2016 में Temple Run: Treasure Hunters लॉन्च हुआ। 2021 में Temple Run: Puzzle Adventure नाम से पज़ल गेम लॉन्च किया गया। लेकिन Temple Run के इन नए वर्जन्स पर फैंस ने कोई खास इंटरेस्ट नहीं दिखाया।
2015 के बाद App Store अनगिनत रनर गेम्स से भर चुका था। Minion Rush, Sonic Dash, Agent Dash, Running Fred — इन सभी गेम्स की थीम कहीं न कहीं Temple Run जैसी ही थी। Temple Run के इतने सारे कॉपीड वर्जन मार्केट में आ चुके थे कि Temple Run की ओरिजिनलिटी और यूनिकनेस धीरे-धीरे खत्म होती चली गई।
Temple Run से जिसने एक बार अपने फोन से अनइंस्टॉल किया, वह दोबारा Temple Run की तरफ नहीं लौटा।
Temple Run आज — क्या वापसी संभव है?
Temple Run 1 और Temple Run 2 आज भी App Store और Play Store पर उपलब्ध हैं। लेकिन Temple Run का वो जादू अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। Temple Run के प्लेयर्स का ध्यान अब First Person Shooters, Action Adventures और Role Playing Games की तरफ जा चुका है।
Imangi Studios ने वादा किया है कि Temple Run 3 जल्द आएगा जो Temple Run के पुराने जादू को और भी बेहतर रूप में वापस लाएगा। लेकिन Temple Run 3 की कोई पक्की रिलीज डेट नहीं है। यह भी पक्का नहीं कि Temple Run 3 Temple Run का वो पुराना जादू दोहरा पाएगा या नहीं।
Temple Run की कहानी में सबसे बड़ा सबक यही है कि Temple Run ने एक बार साबित किया था कि सिंपलिसिटी और थ्रिल मिलकर कुछ भी असंभव नहीं कर सकते। Temple Run ने दिखाया था कि एक छोटी सी टीम और एक सही आईडिया से इतिहास बदला जा सकता है। Temple Run ने मोबाइल गेमिंग को वो भाषा दी जो हर कोई बोल सकता था और समझ सकता था।
Temple Run की विरासत — जो हमेशा याद रहेगी
Temple Run सिर्फ एक गेम नहीं था। Temple Run एक जेनरेशन की पहचान थी। Temple Run वो गेम था जिसने हमें सिखाया कि जिंदगी में जीतना जरूरी नहीं — थोड़ा और दौड़ते रहना जरूरी है।
Temple Run ने मोबाइल गेमिंग को एक नई दिशा दी। Temple Run से पहले मोबाइल गेमिंग एक निश-प्रोडक्ट था। Temple Run के बाद मोबाइल गेमिंग एक मेनस्ट्रीम एंटरटेनमेंट बन गई। Temple Run ने साबित किया कि मोबाइल गेम्स सिर्फ बच्चों के लिए नहीं होते, Temple Run हर किसी के लिए हो सकते हैं।
Temple Run का एंडलेस रनिंग फॉर्मेट आज भी मोबाइल गेमिंग में जिंदा है। Temple Run के बाद जितने भी रनर गेम्स आए, सबने कहीं न कहीं Temple Run से प्रेरणा ली। Temple Run की वो सिंपल लेकिन एडिक्टिव फीलिंग — वो Temple Run की असली विरासत है।
Temple Run Keith Shepherd और Natalia Luckyanova की उस हिम्मत की कहानी है जिन्होंने नौकरी छोड़कर एक सपने का पीछा किया। Temple Run Imangi Studios की उस छोटी टीम की कहानी है जिसने साबित किया कि साइज़ से नहीं, आईडिया से इतिहास बनता है। Temple Run उन करोड़ों प्लेयर्स की कहानी है जिन्होंने Temple Run के उस छोटे से कैरेक्टर के साथ मिलकर 54,000 साल तक दौड़ लगाई।
Temple Run गया लेकिन Temple Run की यादें नहीं गईं। Temple Run खत्म हुआ लेकिन Temple Run का जादू आज भी उन सबके दिलों में जिंदा है जिन्होंने Temple Run की पहली दौड़ लगाई थी।
Temple Run से आपकी क्या यादें जुड़ी हैं? Temple Run में आपका सबसे ज्यादा हाई स्कोर कितना था? Temple Run को लेकर अपनी यादें कमेंट में जरूर शेयर करें।
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